PBKS vs CSK: जडेजा ने तोड़ा धोनी का रिकॉर्ड, पंजाब के खिलाफ मैच में पाई उपलब्धि

IPL 2024 Highlights: सीएसके के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के एक बड़े रिकॉर्ड को उनके ही टीम का ऑलराउंडर ने तोड़ दिया। रवींद्र जडेजा पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले में प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए हैं।
अवॉर्ड्स लिए सीएसके के ऑलराउंडर खिलाड़ी रवींद्र जडेजा।
अवॉर्ड्स लिए सीएसके के ऑलराउंडर खिलाड़ी रवींद्र जडेजा। @ChennaiIPL एक्स सोशल मीडिया।

नई दिल्ली, रफ्तार। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने लगातार पांच मैच में पंजाब किंग्स से हारने के बाद रविवार को जीत दर्ज की। सीएसके ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के दमदार खेल की बदौलत मैदान फतेह किया। टीम ने पंजाब किंग्स को 28 रनों से हराकर खुद के प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को मजबूत कर लिया। जडेजा ने 26 गेंदों पर 43 रनों की पारी खेली। इस दौरान तीन चौके और दो छक्के जड़े। उन्होंने चार ओवर में केवल 20 रन देकर 3 विकेट भी झटके। इसके लिए जडेजा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जिसके बाद जडेजा ने धोनी का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया। इस जीत के साथ सीएसके ने प्वाइंट्स टेबल में टॉप-3 में वापसी की। वहीं, पंजाब को प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों पर बड़ा झटका लगा है।

जडेजा 16वीं बार चुने गए प्लेयर ऑफ द मैच

जडेजा (Ravindra Jadeja) चेन्नई की ओर से खेलते हुए 16वीं बार प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यह चेन्नई के खिलाड़ का सर्वाधिक है। पहले यह रिकॉर्ड धोनी के नाम था। धोनी सीएसके के लिए 15 बार प्लेयर ऑफ द मैच बने हैं। इस लिस्ट में जडेजा और धोनी के बाद सुरेश रैना हैं। रैना सीएसके की ओर से खेलकर 12 बार यह अवॉर्ड जीते हैं। सीएसके के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ 11 बार और माइकल हसी 10 बार यह खिताब पाए हैं।

पावरप्ले में तेज गेंदबाजों ने की अच्छी गेंदबाजी

पंजाब किंग्स के खिलाफ 28 रनों से जीत दर्ज करने के बावजूद जडेजा ने कहा कि उनकी टीम ने 15 से 20 रन कम बनाए थे। कहा, हमने पावरप्ले और बीच के ओवरों में ढीली गेंदें नहीं फेंकी। पावरप्ले में तेज गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की। तुषार देशपांडे ने दो अहम विकेट निकाले और बीच के ओवरों में मिचेल सैंटनर और मैंने भी अच्छी गेंदबाजी की।

बीच के ओवरों में बल्लेबाजी करना मुश्किल था : जडेजा

जडेजा ने कहा कि बीच के ओवरों में बल्लेबाजी करना मुश्किल था। यह दिन का मैच था, इसलिए विकेट धीमा था। पावरप्ले में पिच हमेशा सपाट लगती है, लेकिन जब गेंद पुरानी हो जाती है तो बल्ले पर नहीं आती। आप नई जगह पर खेलते हैं तो नहीं जानते कि गेंद कितनी घूमेगी या रुक कर आएगी।

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