नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम ने पूर्व टेस्ट क्रिकेटर विनोद कांबली की मदद के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया है। हाल ही में खिलाड़ी सुनील गावस्कर ने इस संबंध में खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि टीम उनकी ‘मदद’ करने के बजाय उनकी देखभाल करना चाहती है और उन्हें अपने पैरों पर वापस खड़ा होने में मदद करना चाहती है।
पैरों पर वापस खड़ा होने के लिए सहायता की आवश्यकता
गावस्कर ने आगे बताया कि कपिल देव की अगुवाई वाली टीम उन खिलाड़ियों की मदद करने के प्रति बहुत सचेत है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उन्हें अपने पैरों पर वापस खड़ा होने के लिए सहायता की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विनोद कांबली जिन्हें एक समय में भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार और कभी-कभी उनके दोस्त सचिन तेंदुलकर से भी अधिक प्रतिभाशाली मानते थे।
“कांबली के मेडिकल का खर्चा उठाने को तैयार”
गावस्कर ने आगे कहा कि कांबली को हाल ही में कोच रमाकांत आचरेकर के श्रद्धांजलि समारोह में देखा गया था। वे ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे, जब उन्होंने बोलने का प्रयास किया तो उनके शब्द उनके मुंह में भी उलझ गए, उनकी तबीयत ठीक नहीं दिखी रही है। इसलिए टीम के खिलाड़ी कांबली के मेडिकल का खर्चा उठाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि टीम हमारे युवा खिलाड़ियों के प्रति बहुत सचेत है। वे हमारे बेटों की तरह हैं। हम अपने क्रिकेटरों के बारे में बहुत चिंतित हैं, खासकर जब भाग्य उनका साथ नहीं देता है।
सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली की लंबे अर्से बाद मुलाकात
मुंबई के शिवाजी पार्क में विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर की एक स्टेज पर हुई मुलाकात के बाद से कांबली के स्वास्थ्य को लेकर चर्चा चल रही है। गौरतलब है कि सचिन शोहरत की जिस बुलंदी पर पहुंच चुके हैं, लगभग उतनी ही सफल शुरुआत कभी विनोद कांबली की भी रही थी। कांबली ने सचिन की तरह ही तेज रफ्तार पकड़ी, मगर उनकी गाड़ी उस रफ़्तार पर कायम नहीं रह सकी। जबकि मेहनत लगन और शायद सख्त अनुशासन ने सचिन को लंबी रेस का घोड़ा साबित किया जबकि कांबली एक ऐसे हीरो बनकर रह गए जिनकी कहानी शायद कुछ और हो सकती थी।





