नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । भारत और इंग्लैंड के बीच एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी 2025 का तीसरा टेस्ट मैच क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में 10 जुलाई (गुरुवार) से शुरू होगा। टीम इंडिया के लिए यह सकारात्मक संकेत है कि उसने यहां पिछली बार जब कोई टेस्ट मैच खेला था, तो उसे जीत मिली थी। हालांकि, कप्तान शुभमन गिल को यह भी ध्यान में रखना होगा कि लॉर्ड्स में भारत का कुल टेस्ट रिकॉर्ड अब भी बहुत प्रभावशाली नहीं है, जो टीम के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
एजबेस्टन टेस्ट में गिल की कप्तानी में भारत ने 336 रनों की बड़ी जीत दर्ज की थी। यह उस मैदान पर 8 मुकाबलों के बाद भारत की पहली जीत थी। अब टीम की कोशिश होगी कि वह लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर भी अपने पुराने आंकड़े सुधारते हुए इंग्लैंड पर दबदबा बनाए।
लॉर्ड्स में भारतीय टीम का अब तक का टेस्ट रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने टेस्ट इतिहास की शुरुआत लॉर्ड्स मैदान से ही की थी, जब जून 1932 में सीके नायडू की कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला। उस ऐतिहासिक मुकाबले में भारत को 158 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से भारतीय टीम ने लॉर्ड्स में कुल 19 टेस्ट मुकाबले खेले हैं, लेकिन प्रदर्शन का ग्राफ संतोषजनक नहीं रहा। इन 19 टेस्ट में भारत को केवल 3 में जीत, जबकि 12 में हार मिली है। 4 मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। ऐसे में शुभमन गिल की कप्तानी वाली टीम के सामने न सिर्फ इंग्लैंड से भिड़ने की चुनौती है, बल्कि लॉर्ड्स में अपने पुराने रिकॉर्ड को सुधारने का सुनहरा मौका भी।
टीम इंडिया लॉर्ड्स में कब-कब टेस्ट क्रिकेट में जीती?
पहली जीत : मैच के हीरो रहे कपिल देव
भारत ने लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर अपनी पहली टेस्ट जीत 5 जून 1986 को दर्ज की थी, जब उसने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराकर इतिहास रचा। यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ। मैच की पहली पारी में इंग्लैंड के लिए ग्रहाम गूच ने शानदार 114 रन बनाए, लेकिन भारतीय युवा तेज़ गेंदबाज़ चेतन शर्मा की धारदार गेंदबाज़ी (5 विकेट) ने मेज़बान टीम को 294 रन पर समेट दिया। जवाब में भारत की ओर से दिलीप वेंगसरकर ने नाबाद 126 रन की बेहतरीन पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने 341 रन बनाए और पहली पारी में 47 रनों की अहम बढ़त हासिल की।
दूसरी पारी में इंग्लैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह चरमरा गई। कप्तान कपिल देव ने 4 विकेट लिए और स्पिनर मनिंदर सिंह ने 3 विकेट झटके, जिससे इंग्लैंड की टीम सिर्फ 180 रन पर ढेर हो गई। भारत को जीत के लिए 134 रनों का लक्ष्य मिला। एक समय भारत की पारी लड़खड़ाई, लेकिन कपिल देव ने नाबाद 23 रन बनाकर टीम को 5 विकेट से जीत दिलाई। इस मैच के हीरो रहे कपिल देव, जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया और ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया।
दूसरी जीत : ईशांत शर्मा ने रचा इतिहास
भारत ने 17 से 21 जुलाई 2014 के बीच लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड को 95 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल की। यह इस ऐतिहासिक मैदान पर भारत की दूसरी टेस्ट जीत थी। पहली पारी में भारत ने अजिंक्य रहाणे के दमदार 103 रन की बदौलत 295 रन बनाए। इंग्लैंड ने जवाब में गैरी बैलेंस की शानदार 110 रन की पारी के सहारे 319 रन बनाकर पहली पारी में 24 रनों की बढ़त ले ली।
दूसरी पारी में भारत की ओर से मुरली विजय (95), रवींद्र जडेजा (68) और भुवनेश्वर कुमार (नाबाद 52) के अर्धशतकों ने टीम को 342 रनों तक पहुंचाया, जिससे इंग्लैंड के सामने 319 रन का बड़ा लक्ष्य खड़ा हुआ। लेकिन असली कहानी तब शुरू हुई जब गेंदबाजी में ईशांत शर्मा ने गति, उछाल और आक्रामकता का जबरदस्त प्रदर्शन किया। उन्होंने 7 विकेट चटकाए और इंग्लिश बल्लेबाज़ों को टिकने नहीं दिया। इंग्लैंड की पूरी टीम 223 रन पर ढेर हो गई। इस यादगार जीत में ईशांत शर्मा को उनके करियर की एक बेहतरीन गेंदबाज़ी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
तीसरी जीत : केएल राहुल की शतकीय पारी
भारत ने अगस्त 2021 में लॉर्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड को 151 रन से हराकर इस ऐतिहासिक स्थल पर अपनी तीसरी टेस्ट जीत दर्ज की थी। यह मुकाबला पांच मैचों की टेस्ट सीरीज़ का दूसरा टेस्ट था, जिसकी जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली थी। पहली पारी में भारत ने 364 रन बनाए, जिसमें ओपनर केएल राहुल ने शानदार 129 रन की शतकीय पारी खेली, जबकि रोहित शर्मा ने 83 रन जोड़े। इंग्लैंड की ओर से जेम्स एंडरसन सबसे सफल गेंदबाज़ रहे, जिन्होंने 5 विकेट लिए। जवाब में इंग्लैंड ने कप्तान जो रूट की नाबाद 180 रन की पारी के सहारे 391 रन बनाए और पहली पारी में मामूली बढ़त हासिल की।
दूसरी पारी में भारत की शुरुआत डगमगाई, लेकिन चेतेश्वर पुजारा (45) और अजिंक्य रहाणे (61) ने पारी को संभाला। निचले क्रम में मोहम्मद शमी (नाबाद 56) और जसप्रीत बुमराह (नाबाद 34) की आक्रामक साझेदारी ने भारत को मजबूती दी। भारत ने 298/8 पर पारी घोषित की और इंग्लैंड को 272 रन का लक्ष्य दिया।
रनचेज में उतरी इंग्लैंड की पूरी टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और सिर्फ 120 रन पर सिमट गई। मोहम्मद सिराज ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए, जबकि बुमराह और ईशांत शर्मा को 2-2 सफलताएं मिलीं। शमी ने भी 1 विकेट झटका। मैच के ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए केएल राहुल, जिन्होंने पहली पारी में बेहतरीन 129 रन बनाकर भारत की नींव मजबूत की थी।





