नई दिल्ली, 16 जून (हि.स.)। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व मुख्य कोच रोलेंट ओल्टमैंस का मानना है कि भारत टोक्यो ओलंपिक में पदक के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक है। ओलंपिक खेलों से पहले हॉकी इंडिया द्वारा शुरू की गई एक पॉडकास्ट श्रृंखला, हॉकी ते चर्चा में, ओल्टमैंस ने जोर देकर कहा कि टोक्यो में सफल होने के लिए किसी भी टीम के लिए मानसिक दृढ़ता एक निर्णायक कारक होगी। उन्होंने कहा,"मेरे लिए भारतीय पुरुष हॉकी टीम टोक्यो में पदक जीतने वाले शीर्ष पांच दावेदारों में शामिल है। टीम ने पिछले दो वर्षों में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में अच्छी निरंतरता दिखाई है। भारत पहले ही दिखा चुका है कि वह ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और नीदरलैंड जैसी टीमों को हरा सकता है। हालांकि ओलंपिक में ऐसा करना अलग बात होगी।" उन्होंने कहा,"जब आप इस तरह के टूर्नामेंट को जीतने की कोशिश कर रहे होते हैं तो निर्णायक कारक टीम की मानसिकता होती है। यदि आप किसी खेल में पीछे हैं या आगे होने पर अति उत्साहित हैं तो आप घबरा नहीं सकते। आपको प्रत्येक स्थिति पर नियंत्रण रखना होगा।" ओल्टमैंस का अनुमान है कि ग्रीष्मकालीन खेलों में टोक्यो में मौसम की स्थिति एक और महत्वपूर्ण कारक होगी, क्योंकि ओलंपिक के दौरान टोक्यो में आर्द्रता अधिक होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, "शारीरिक फिटनेस के मामले में दुनिया की सभी शीर्ष टीमें समान स्तर पर हैं, इसलिए किसी भी टीम को स्पष्ट लाभ नहीं है, लेकिन भारत के लिए मौसम की स्थिति अधिक अनुकूल होगी क्योंकि वे उस प्रकार की जलवायु के अभ्यस्त हैं। यूरोपीय टीमों के लिए मौसम निश्चित रूप से कठिन होगा और उन्हें इसके साथ तालमेल बिठाना होगा।" ओल्टमैंस 2016 के रियो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल चरण में पहुंचने वाली भारतीय टीम के मुख्य कोच थे। ओल्टमैंस का मानना है कि टीम ने तब से काफी प्रगति की है, साथ ही उन्होंने हॉकी इंडिया द्वारा शुरू की गई विकास प्रक्रिया की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा,"2013 में हॉकी इंडिया में उच्च प्रदर्शन निदेशक के रूप में शामिल होने और फिर 2015 में पुरुष टीम के मुख्य कोच बनने के बाद से टोक्यो ओलंपिक में पदक हासिल करने के लिए टीम को तैयार करना हमेशा मुख्य उद्देश्य था। भारत ने इस संबंध में अपनी वर्तमान स्थिति के साथ प्रगति की है, और हॉकी इंडिया ने अपने पेशेवर सेटअप के माध्यम से ऐसा होने के लिए परिस्थितियां बनाई हैं।" उन्होंने कहा,"आपको एक अच्छी विकास योजना की आवश्यकता होती है, लेकिन किसी योजना को क्रियान्वित करने के लिए आपको संसाधनों की भी आवश्यकता होती है। हॉकी इंडिया और साई ने भारत में हॉकी के विकास के लिए इस योजना को बनाने और क्रियान्वित करने में एक बड़ी भूमिका निभाई है।" हिन्दुस्थान समाचार/सुनील




