नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर बीसीसीआई टीम इंडिया को पाकिस्तान भेजने से इनकार कर चुकी है। अब चैंपियंस ट्रॉफी का बॉयकॉट करने से पाकिस्तान की रुह कांप रही है। ऐसा करने से पाकिस्तान को सोचना होगा क्योंकि 16 देश पाकिस्तान पर मुकदमा सकते हैं। और अगर पाकिस्तान ट्रॉफी से हटता भी है तो उसे तगड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अगर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के आयोजन को लेकर चल रहे विवाद के वजह से अगर 50 ओवर की प्रतियोगिता के आयोजन से हटने का फैसला करता है तो उसको राजस्व के भारी नुकसान उठना पड़ सकता है, इसके अलावा मुकदमों का भी सामना कर पड़ सकता है। और वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अलग-थलग भी पड़ सकता है।
क्या Champions Trophy से हट सकता है पाकिस्तान?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की प्रतियोगिताओं के आयोजन से जुड़े एक वरिष्ठ क्रिकेट प्रशासक ने बुधवार को एक मीडिया चैनल से बातचीत में बताया है कि, अगर आईसीसी और भारतीय क्रिकेट बोर्ड हाइब्रिड मॉडल को पूरी तरह से अस्वीकार्य करते है तो PCB के लिए टूर्नामेंट से हटने का फैसला महंगा पड़ सकता है। एक अधिकारी ने कहा, पाकिस्तान ने न केवल आईसीसी के साथ मेजबानी से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं बल्कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी देशों को सहयोग का आश्वासन भी दे चुका है। और उसके तरह ही उसने आईसीसी के साथ सदस्यों की अनिवार्य भागीदारी से संबंधित समझौते (MPA) पर हस्ताक्षर किए हैं।
ICC प्रसारक को देता है ये गारंटी
आईसीसी की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए MPA पर हस्ताक्षर करने जरूरी हो जाते हैं और हस्ताक्षर करने के बाद ही कोई सदस्य देश आईसीसी प्रतियोगिताओं से होने वाली कमाई पर अपना दावा कर सकता है। अधिकारी ने कहा, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आयोजन से पहले आईसीसी ने अपने सभी प्रतियोगिताओं के लिए प्रसारक से समझौता किया है। जिसमें उसने गारंटी दी है कि चैंपियंस ट्राफी सहित ICC की प्रतियोगिताओं में उसके सभी सदस्य देश भाग लेंगे। अगर पाकिस्तान इसका उल्लंघन करता है तो बाकी के सदस्य देश पीसीबी पर मुकद्मा ठोक सकते हैं।
हाइब्रिड मॉडल के बदले ये समझौता होगा?
आईसीसी की पिछले सप्ताह की गई बैठक में कोशिश काम आई थी, और चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल से करवाने पर सहमति हासिल की है। इसमे यह कहा गया है कि इसके अनुसार भारत अपने मैच दुबई में खेलेगा। इसके अलावा आईसीसी की 2027 तक होने वाली प्रतियोगिताओं में यह व्यवस्था ऐसी ही बनी रहेगी। हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक ऐलान होने बाकी है। अगर यह समझौता हो जाता है तो इसका मतलब होगा कि पाकिस्तान 2027 तक होने वाली आईसीसी प्रतियोगिताओं के लिए भारत का दौरा करने के लिए नही आएगा।
16 देश ले सकते पाकिस्तान पर ऐक्शन
बोर्ड के एक जिम्मेदारी अधिकारी ने बताया कि, अगर पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी का बॉयकॉट या मेजबानी से हटता है तो आईसीसी और आईसीसी कार्यकारी बोर्ड में शामिल सभी 16 सदस्य देश भी उसके खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं। बोर्ड भी यह रास्ता अपना सकता है क्योंकि पाकिस्तान के हटने से हितधारकों को बड़ा नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने इसके साथ यह भी खुलासा किया कि पीसीबी को कार्यकारी बोर्ड के अन्य सदस्यों से ठोस समर्थन नहीं मिला।





