नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। टीम इंडिया को मेलबर्न में मिली शर्मनाक हार के बाद करारी आलोचना का शिकार होना पड़ रह है। टीम मीटिंग में हुई खटपट के बाद यह विवाद और तेजी से बढ़ गया था। मीटिंग से बाहर आई खबरों के मुताबिक वह काफी इंटेन्स मीटिंग रही थी। जिस दौरान बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी आखिरी टेस्ट खेला जा रहा है लेकिन दूसरी तरफ गौतम गंभीर की कप्तानी पर तलवार लटकती हुई भी दिखाई दे रही है। सूत्रों के अनुसार अगले 65 दिनो में अगर गौतम गंभीर की कोचिंग में निखार नहीं आता है तो उनसे कोचिंग पद छीना जा सकता है।
65 दिन तक होगी गौतम गंभीर की अग्निपरीक्षा
जब से भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 शुरु हुई है तब से टीम इंडिया अपने रंग में नहीं दिख रही। एडिलेड और मेलबर्न टेस्ट में ताश के पत्तों की तरह ढही भारतीय बल्लेबाजी और टीम सिलेक्शन को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। खिलाड़ियों के अलावा कोच गौतम गंभीर के फैसलों को भी सवालों के घेरे में लिया गया है। श्रीलंका के खिलाफ भी भारत ने वनडे सीरीज गंवा दी थी। इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी भारत को क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। अब बीसीसीआई इस मुद्दे को हल्के में लेने के मूड में नही है। आगामी 65 दिनों में अगर टीम इंडिया की यही गति रही तो गौतम गंभीर से कोचिंग पद वापस लेने पर विचार किया जा सकता है।
चैपियंस ट्रॉफी से पहले हो जाएगा आखिरी फैसला
बोर्ड ऑस्ट्रेलिया दौरे को प्रभावित नहीं करना चाहता जिसके चलते बोर्ड ने गौतम गंभीर को सुधार करने और परफार्मेंस वापस लाने के लिए कुछ और समय दिया है। इसके साथ ही यह भी तय है बोर्ड आने वाले दिनों में जो कुछ भी बदलाव करना चाहेगा वह चैंपियंस ट्रॉफी से पहले कर लेगा। 19 फरवरी से चैपियंस ट्रॉफी शुरु हो जाएगी जिससे पहले पहले गंभीर को खुद को साबित करना होगा।





