नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। भारत के पूर्व क्रिकेटर और कोच संजय बांगर के बेटे आर्यन का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। आर्यन ने जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी करवाई है। वो ट्रांसवुमन हैं और अब आयत बांगर के नाम से जानी जाती हैं।
आयत ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा है कि जेंडर रीअसाइनमेंट सर्जरी के बाद उनके शरीर में कई बदलाव आए हैं, इन बदलावों की वजह से वो क्रिकेट से दूर होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पिता को क्रिकेट खेलते, सिखाते देखा है और क्रिकेट उनका पैशन रहा है। लेकिन अब उन्हें इस खेल को छोड़ना पड़ रहा है।
आर्यन के करियर पर बना खतरा
आर्यन अपने पिता की तरह ही बाएं हाथ के बल्लेबाज रहे हैं, लेकिन हार्मोनल चेंज उनके करियर में रोड़ा बन चुका है। बता दें कि, आईसीसी और ईसीबी दोनों ने ही उन्हें महिला क्रिकेट में भाग लेने की अनुमति को अनुचित समझा है।
BCCI की महत्वपूर्ण घोषणा
नवंबर साल 2023 के महीने में BCCI ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की थी। कहा गया था कि, ‘कोई भी खिलाड़ी जिसने पुरुष से महिला में ट्रांसफॉर्म किया है और किसी भी प्रकार के पुरुष युवावस्था से गुजरा है, उसे महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’ ईसीबी ने भी इन नियमों का पालन किया ट्रांसजेंडर महिलाओं को 2025 से महिलाओं के घरेलू क्रिकेट में भी खेलने से प्रतिबंधित कर दिया। लिहाजा आर्यन का भी महिला टीम में खेलना संभव नहीं है।
अनाया ने लिखा पोस्ट
आर्यन के इस मुश्किल फैसले से उनके क्रिकेट करियर पर असर हो रहा है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे उस खेल को छोड़ना पड़ेगा, जो मेरा जुनून और मेरा प्यार रहा है। लेकिन यहां मैं एक दर्दनाक वास्तविकता का सामना कर रही हूं। हार्मोन रिप्लेसमेंट थैरेपी कराकर एक ट्रांस महिला बनने के बाद मेरे शरीर में बहुत ज्यादा बदलाव आया है। मैं अपनी मांसपेशियों, ताकत, मांसपेशियों की याददाश्त और एथलेटिक क्षमताओं को खो रही हूं, जिन पर मैं कभी निर्भर थी। जिस खेल से मैं इतने लंबे समय से प्यार करती थी, वह मुझसे दूर होता जा रहा है।’
कहां रहती हैं और क्या करती हैं अनाया
अनाया इस समय मैनचेस्टर में रह रही हैं और यहां के स्थानीय क्लब से जुड़ी हुई हैं। हालांकि, अब ट्रांसफॉरमेशन के बाद अनाया के क्रिकेट करियर पर विराम लग गया है। वह अपने पिता की तरह ही देश का प्रतिनिधित्व करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें यह मौका नहीं मिला। शरीर में होने वाले बदलाव और वुमेन के इंटरनेशनल क्रिकेट के नियम-कानून की वजह से उनका करियर खत्म हो गया है।





