नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान चुनाव आयोग ने भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनके भाई को नोटिस भेजा है। आयोग ने उन्हें 9 से 11 जनवरी के बीच सुनवाई के लिए बुलाया है। सुनवाई कार्तजू नगर स्कूल, दक्षिण कोलकाता में असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के सामने होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, शमी को सोमवार को नोटिस जारी किया गया। हालांकि, तय समय में वह सुनवाई में शामिल नहीं हो पाए क्योंकि वह फिलहाल विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं।
शमी की पृष्ठभूमि
शमी कोलकाता नगर निगम (KMC) वार्ड नंबर 93 में वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड हैं, जो राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। हालांकि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ था, लेकिन कई सालों से वह कोलकाता के स्थायी निवासी हैं।
चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, शमी और उनके भाई के एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ दिक्कतें पाई गई हैं, जिस कारण उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया।
दीपक अधिकारी (देव) और उनके परिवार को भी नोटिस
इसी प्रक्रिया के तहत एक्टर से सांसद बने दीपक अधिकारी (देव) और उनके परिवार के तीन सदस्यों को भी नोटिस भेजा गया है। देव पश्चिम बंगाल के घाटाल से तीन बार सांसद रह चुके हैं। हालांकि उनकी सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
TMC का आरोप
TMC ने इस कार्रवाई पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि SIR लागू करने की तैयारी अधूरी है और यह पूरी प्रक्रिया गलत और जल्दबाजी में की जा रही है। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई से आयोग की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ रहा है।
शमी और देव को नोटिस मिलने के बाद राजनीतिक और खेल जगत में हलचल बढ़ गई है। आयोग की इस कार्रवाई ने SIR प्रक्रिया और मतदान पंजीकरण को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला आगामी दिनों में और चर्चा का केंद्र बन सकता है।




