नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। IPL 2025 में RCB के खिताब जीतने के जश्न के दौरान बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी। इस दौरान भगदड़ मचने से 11 फैंस की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इस दुखद घटना के बाद कर्नाटक सरकार ने एक सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया।
आयोग ने स्टेडियम को बताया ‘जनसमूह के लिए असुरक्षित’
न्यायमूर्ति जॉन माइकल डी’कुन्हा के नेतृत्व में गठित आयोग ने हाल ही में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी। रिपोर्ट में चिन्नास्वामी स्टेडियम को ‘जनसमूह के लिए अनुपयुक्त और असुरक्षित’ बताया गया है। इस साल के अंत में होने वाले आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 के शुरुआती मैच और सेमीफाइनल मुकाबले चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने हैं। आयोग की रिपोर्ट को सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद इन मुकाबलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
महाराजा ट्रॉफी अब बिना दर्शकों के
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि अगले महीने होने वाला महाराजा ट्रॉफी टी20 टूर्नामेंट दर्शकों के बिना खेला जाएगा। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि जिन आयोजनों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना हो, उन्हें दूसरे सुरक्षित स्थानों पर किया जाए। इसके अलावा प्रवेश और निकास द्वारों की संरचना में सुधार की जरूरत भी बताई गई है।
बड़े आयोजनों से खतरा बढ़ सकता है
आयोग ने चेतावनी दी है कि जब तक ढांचागत सुधार नहीं किए जाते, तब तक इस स्टेडियम में बड़े आयोजन जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
स्टेडियम अधिकारियों और आयोजकों पर कानूनी कार्रवाई की सिफारिश
रिपोर्ट में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों और आरसीबी के कुछ अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश भी की गई है। चिन्नास्वामी स्टेडियम की मौजूदा स्थिति ने भारत में होने वाले महिला वर्ल्ड कप 2025 जैसे बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि राज्य सरकार और क्रिकेट बोर्ड इस संकट से कैसे निपटते हैं।





