नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम ने जिम्बाब्वे में खेले गए ICC U19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ भारत रिकॉर्ड छठी बार इस टूर्नामेंट का चैंपियन बना और जूनियर क्रिकेट में अपनी बादशाहत फिर साबित की।
ICC से नहीं मिला कैश प्राइज, BCCI ने दिया बड़ा तोहफा
हालांकि ICC की नीति के मुताबिक अंडर-19 वर्ल्ड कप में खिलाड़ियों को आर्थिक इनाम नहीं दिया जाता और टीम सिर्फ मेडल के साथ लौटती है। लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खिलाड़ियों की मेहनत को सम्मान देते हुए पूरी टीम के लिए 7.5 करोड़ रुपये के इनाम का ऐलान किया है। यह अंडर-19 स्तर पर BCCI द्वारा दिया गया अब तक का सबसे बड़ा इनाम माना जा रहा है।
वैभव सूर्यवंशी बने चर्चा का केंद्र
इस टूर्नामेंट में वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने। उनका जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था, यानी फरवरी 2026 में खिताब जीतते समय वह तकनीकी रूप से सिर्फ 14 साल के थे। उम्र कम होने के कारण वह 27 मार्च 2026 से पहले सीनियर टीम के लिए नहीं खेल सकते।
दोबारा नहीं खेल पाएंगे अंडर-19 वर्ल्ड कप
दिलचस्प बात यह है कि वैभव उम्र के हिसाब से भविष्य में भी अंडर-19 में रह सकते हैं, लेकिन BCCI के नियम के अनुसार कोई भी खिलाड़ी सिर्फ एक बार ही अंडर-19 वर्ल्ड कप खेल सकता है। इस नियम का मकसद नए खिलाड़ियों को मौका देना और ऐज ग्रुप क्रिकेट में संतुलन बनाए रखना है। BCCI लंबे समय से हर उम्र वर्ग में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाली भारतीय टीम को सम्मानित करता रहा है। इससे पहले 2025 में महिला अंडर-19 टीम को वर्ल्ड कप जीतने पर 5 करोड़ रुपये का इनाम दिया गया था। अब 2026 में पुरुष टीम को 7.5 करोड़ रुपये देकर बोर्ड ने युवा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया है।




