पीएससी के अभ्यर्थियों ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से की वर्चुअल चर्चा रायपुर, 07 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग में गम्भीर अनियमितताओं व भर्ती प्रक्रिया में धांधली के संबंध में छत्तीसगढ़ पीएससी के अभ्यर्थियों ने रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से वर्चुअल चर्चा की और अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत करवाया। चर्चा के दौरान विशेष रूप से वर्चुअल माध्यम से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, भाजपा प्रदेश मंत्री द्वय ओपी चौधरी, विजय शर्मा, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष अमित साहू, भाजपा आईटी सेल प्रमुख दीपक म्हस्के मौजूद रहे। पीएससी के अभ्यर्थियों ने चर्चा के दौरान सहायक प्राध्यापक की समस्या, इंजीनियरिंग सर्विसेज परीक्षा की समस्या एवं 20प्रतिशत प्रश्नों के विलोपन संबधित जानकारी, परीक्षा प्रकिया में संशोधन आदि विषयों व सम्बंधित समस्या से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को अवगत कराया। पीएससी के अभियर्थियों से चर्चा के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पीएससी में अनियमितता व गड़बड़ियों को गम्भीर बताया व अभियर्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के निराकारण के लिए हर प्रयास में अभ्यर्थियों के साथ हैं। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग में लगातार सामने आ रही गम्भीर अनियमितता व गड़बड़ी प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं, भर्ती प्रक्रिया में विलंब, लगातार गड़बड़ियां और पारदर्शिता का आभव ना सिर्फ भ्रष्टाचार की आशंकाओं को बल प्रदान करता हैं बल्कि प्रदेश के होनहार युवाओं को हताश और निराश करने वाला भी हैं। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के मन में पीएससी की विश्वसनीयता को लेकर प्रश्न चिन्ह खड़ा होना चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा पिछले सवा दो वर्षों से लगातार पीएससी में अनियमितता और गड़बड़ियों को लेकर छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार से मांग कर रहे हैं परंतु अपने ढर्रे और मनमानी पर उतर चुकी प्रदेश सरकार के पास छत्तीसगढ़ के युवाओं की चिंता करने समय नहीं हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने चर्चा के दौरान पीएससी अभ्यार्थियों को विश्वास दिलाया कि भाजपा उनकी हर जायज मांग के साथ खड़ी है। पिछले दिनों भाजपा युवा मोर्चा ने प्रदेशभर में पीएससी में गड़बड़यों को लेकर आंदोलन भी किया था और पीएससी अभ्यर्थियों के हित में हस्ताक्षर अभियान चलाकर दस सूत्रीय मांग भी रखी थी। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने चर्चा के दौरान कहा कि पीएससी की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं युवाओं का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा हैं। पारदर्शिता का अभाव भ्रष्टाचार की आशंकाओं को बढ़ावा देने वाला हैं। प्रदेश में शिक्षा से लेकर रोजगार तक परीक्षार्थी से लेकर प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी तक सरकार की गलत नीति, मनमानी का खामियाजा भुगत रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार /केशव शर्मा




