नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच गठबंधन की बातचीत सफल नहीं हो पाई। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने गठबंधन की कोशिश की, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा इसका विरोध करते रहे। इस कारण गठबंधन की संभावनाएं खत्म हो गईं।
AAP ने अबतक जारी की 29 उम्मीदवारों की सूची
गठबंधन न होने पर AAP ने अबतक 29 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता का नाम शामिल नहीं है। हालांकि, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा कैथल जिले की कलायत विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। सूची में भाजपा या कांग्रेस के किसी असंतुष्ट नेता का नाम भी नहीं है।
भूपेंद्र हुड्डा के विरोध के कारण
भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस और AAP के गठबंधन का विरोध किया क्योंकि उन्हें लगता था कि इससे कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो सकती है। हुड्डा का मानना था कि गठबंधन से कांग्रेस को फायदा नहीं होगा और पार्टी को अपनी ताकत दिखाने का मौका नहीं मिलेगा।
AAP का फैसला
AAP के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने कहा कि यदि कांग्रेस समय पर गठबंधन पर स्थिति साफ नहीं करती, तो उनकी पार्टी सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसलिए, पार्टी ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है।
BJP को लाभ
गठबंधन न होने का लाभ भाजपा को हो सकता है, क्योंकि इससे AAP और कांग्रेस के वोट आपस में बंट जाएंगे।
AAP और SP से गठबंधन करना क्यों चाहते है राहुल?
कांग्रेस के साथ AAP और समाजवादी पार्टी दोनों ही INDI Alliance का राष्ट्रीय स्तर पर हिस्सा हैं। लोकसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा दोनो राजनीतिक दलों की मजबूरी थी। मगर राहुल गांधी हरियाणा के विधानसभा चुनाव में भी AAP और SP के साथ गठबंधन के बहाने इस पार्टियों के बीच राजनीतिक प्रेम-प्यार को आगे भी बनाए रखना चाहते थे।





