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Wednesday, March 11, 2026
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संयुक्त राज्य अमेरिका ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर यूनुस सरकार पर बनाया दबाव

अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर अमेरिका ने बांग्लादेश की यूनुस सरकार की कड़ी निंदा की है और कहा कि हिंदुओं की रक्षा करना जरूरी है।

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर अमेरिका ने बांग्लादेश की यूनुस सरकार की कड़ी निंदा की है और कहा कि हिंदुओं की रक्षा करना जरूरी है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने बांग्लादेश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा है कि वह बांग्लादेश के घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है। हसीना सरकार के पतन के बाद अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचार से नाराज अमेरिका ने बांग्लादेश से कहा है कि धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है, यदि वह अपने यहां शांति स्‍थापित करने में नाकामयाब है तो वह अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय को बताए। यूएन फिर अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन किर्बी ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग में यह बताया है। 

“अल्‍पसंख्‍यकों पर हो रहे अत्‍याचारों को बंद करवाएं”

एक रिपोर्ट के मुताबिक पता चला है कि पिछले कुछ हफ्तों से कई हिंदू अमेरिकी समूह यूएस के विभिन्‍न हिस्‍सों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। व्हाइट हाउस के बाहर मार्च निकाला जा रहा है। वे शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में लगातार हो रही हिंदुओं की हत्‍याओं, बच्‍च‍ि‍यों और महिलाओं के साथ हो रही बलात्‍कार एवं अन्‍य दरिंदगी की घटनाओं को उठा रहे हैं और मंदिरों की तोड़फोड का विरोध कर रहे हैं। ये सभी यहां यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति इन मुद्दों से अवगत हैं और क्या उन्होंने बांग्लादेश अंतरिम सरकार के प्रमुख डॉ.मुहम्मद यूनुस को अल्‍पसंख्‍यकों पर अत्‍याचार करने की खुली छूट दे दी है? यदि ऐसा नहीं है तो वह अपना कड़ा रुख अपनाते हुए सीधा संदेश बांग्‍लादेश को दें और अल्‍पसंख्‍यकों पर हो रहे अत्‍याचारों को बंद करवाएं । 

“चाहे वे किसी भी जातीयता या धर्म से संबंध रखते हों”

दूसरी ओर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन किर्बी का कहना है कि हम बांग्‍लादेश की घटनाओं पर बहुत बारीकी से नजर रख रहे हैं और राष्ट्रपति भी घटनाओं पर करीब से नजर रख रहे हैं। पूर्व प्रधान मंत्री के हटने के बाद बांग्लादेश में सुरक्षा स्थिति कठिन हो गई और हम अंतरिम सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए अपनी कानून प्रवर्तन और सुरक्षा सेवाओं की क्षमता बढ़ाएगी। उन्होंने आगे कहा, “हमने सभी बांग्लादेशी नेताओं के साथ अपनी चर्चा में यह स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और अंतरिम सरकार के नेताओं ने बार-बार सभी बांग्लादेशियों को सुरक्षा प्रदान करने का वादा किया है, चाहे वे किसी भी जातीयता या धर्म से संबंध रखते हों।”

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