नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां अपनी-अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने में लगी हुई हैं। सभी पार्टियां अपने-अपने तरीके से जनता को लुभाने का प्रयास कर रही हैं। एक तरफ कांग्रेस, बीजेपी को किसानों और पहलवानों के मुद्दे पर घेरने की कोशिश कर रही है। तो वहीं बीजेपी ने विपक्षी पार्टियों पर परिवारवाद का आरोप लगाया है। बता दें कि, इस बार के विधानसभा चुनाव में परिवारवाद की झलकियां ही नहीं, बल्कि झांकियां भी देखने को मिलेंगी। राज्य के तीन प्रमुख राजनीतिक परिवार- चौटाला, भजनलाल और बंसीलाल- चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन परिवारों के कुल 13 सदस्य चुनावी मैदान में हैं।
भजन लाल, देवी लाल और बंसी लाल के परिवार से चुनावी मौदान में उतरे सदस्य
पूर्व उप प्रधानमंत्री देवी लाल के परिवार से 8 लोग चुनावी मैदान में हैं। जिसमें अभय चौटाला, दुष्यंत चौटाला, सुनैना चौटाला, अर्जुन चौटाला, रणजीत चौटाला, अमित सिहाग चौटाला, आदित्य चौटाला और दिग्विजय चौटाला शामिल हैं।
भजन लाल के परिवार से तीन सदस्य उनके बेटे चंद्र मोहन, पोते भव्य बिश्नोई और भतीजे दुरा राम चुनाव लड़ रहे हैं। बंसी लाल की फैमिली से उनके पोते अनिरुद्ध चौधरी और श्रुति चौधरी भी चुनाव लड़ रहे हैं।
भजनलाल और बंसीलाल परिवार की भिड़ंत
डबवाली: विधानसभा क्षेत्र डबवाली में चौटाला परिवार के सदस्य आपस में ही भिड़ रहे हैं। जननायक जनता पार्टी (JJP) के दिग्विजय चौटाला का मुकाबला उनके चाचा आदित्य चौटाला से है, जो इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के उम्मीदवार हैं। कांग्रेस के अमित सिहाग चौटाला भी इसी परिवार से हैं और दिग्विजय चौटाला के भाई हैं।
रानिया: यहां भी चौटाला परिवार के सदस्य एक दूसरे से चुनावी मौदान में भिड़ते हुए नजर आएंगे। ओम प्रकाश चौटाला के भाई रणजीत सिंह चौटाला और INLD के अभय चौटाला के बेटे अर्जुन चौटाला के बीच मुकाबला है। रणजीत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार हैं और JJP का समर्थन प्राप्त कर रहे हैं, जबकि अर्जुन INLD के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
तोशामः इस सीट पर हरियाणा के पूर्व CM बंसीलील परिवार के सदस्यों के बीच मुकाबला होगा। इस सीट पर बंसीलील की पोती श्रुति चौधरी और उनके चचेरे भाई अनिरुद्ध चौधरी के बीच चुनावी मुकाबला है। एक तरफ श्रुति BJP से हैं तो दूसरी तरफ अनिरुद्ध Congress पार्टी से हैं। बता दें कि, श्रुति पहले Congress की तरफ से चुनाव लड़ चुकी हैं और जब उन्हें कामयाबी नहीं मिली तो अपनी मां के साथ BJP में शामिल हो गई थी।
उचाना कलां: यहां बीरेंद्र सिंह परिवार और चौटाला परिवार के बीच मुकाबला है। पिछले चुनाव में दुष्यंत चौटाला ने बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेम लला को हराया था, जिसके बदले के लिए बृजेंद्र सिंह दुष्यंत के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
अन्य प्रमुख मुकाबले
अंबाला कैंटः कांग्रेस नेता चित्रा सरवारा परविंदर सिंह परी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ेंगी।
फतेहबादः इस सीट पर दिलचस्प मुकाबला है क्योंकि ओपी चौटाला के भाई प्रताप सिंह चौटाला की बहू सुनैना चौटाला INLD से चुनाव लड़ेंगी और उनका मुकाबला भजनलाल के भतीजे दुरा राम से है, जो BJP से विधायक हैं।
पिहोवा: यहां जसविंदर सिंह संधू के दोनों बेटे जसतेज और गगनजोत संधू एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। जसतेज कांग्रेस और गगनजोत INLD से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने इस सीट से हरमोहेंद्र सिंह चट्ठा के बेटे मंदीप सिंह चट्ठा को मैदान में उतारा है, जबकि INLD ने बलदेव सिंह को टिकट दिया है।
चरखी दादरी: इस सीट पर बबीता फोगट और विनेश फोगट के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता था, लेकिन बबीता को BJP ने टिकट नहीं दिया। अब वह केवल स्टार प्रचारक हैं। विनेश को कांग्रेस ने जुलाना से टिकट दिया है। आपको बता दें कि, बबीता 2019 में अपना पहला चुनाव हार गईं थी।





