कोलकाता, 25 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में सरकार गठन के लिए विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई केंद्रीय और राज्य के मंत्री बंगाल में लगातार चुनाव प्रचार और जनसंपर्क कर रहे हैं। अब इस सूची में भाजपा के फायर ब्रांड नेता और उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जुड़ गए हैं। वह आगामी दो मार्च को बंगाल दौरे पर आ रहे हैं। प्रदेश भाजपा सूत्रों ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की है। बताया गया है कि योगी आदित्यनाथ की जनसभा राजधानी कोलकाता से सटे हावड़ा जिले में प्रस्तावित की गई है। हावड़ा ऐसा क्षेत्र है जहां बहुतायत मतदाता हिन्दी भाषी हैं और बिहार, उत्तर प्रदेश से आकर बसे हैं। इसके अलावा कोलकाता से सटे होने की वजह से योगी आदित्यनाथ की जनसभा का असर राजधानी के साथ-साथ आसपास के शिल्पांचल क्षेत्रों पर भी होगा। योगी आदित्यनाथ की छवि एक कुशल प्रशासक और सख्त नेता के तौर पर रही है जिन्होंने 23 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश को न केवल विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाया है बल्कि अमूमन लापरवाह और विवादित बर्ताव के लिए सुर्खियों में रहने वाले उत्तर प्रदेश प्रशासन को भी प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया है। इसी वजह से बंगाल भाजपा के नेता भी कई बार योगी आदित्यनाथ के स्टाइल में पश्चिम बंगाल में भी सरकार चलाने का आश्वासन दे चुके हैं और बंगाल के माफिया और अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को भाजपा की सरकार बनने पर एनकाउंटर में खत्म करने की धमकी दे चुके हैं। ऐसे में चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित जनसभा पर लोगों की निगाहें टिक गई हैं। उल्लेखनीय है कि इस बार पश्चिम बंगाल में हर हाल में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा ने रणनीति बनाई है। चुनाव से पहले राज्यभर के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में 1500 रैलियां करने का निर्णय लिया गया है जिन्हें प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ साथ पार्टी के केंद्रीय नेता भी लगातार संबोधित कर रहे हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ ओम प्रकाश/गंगा/रामानुज




