नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को साफ शब्दों में कह दिया कि वे पूरे पांच साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। उन्होंने विपक्षी दलों के उन दावों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि कांग्रेस पार्टी उन्हें कार्यकाल के बीच में हटा सकती है।
बीजेपी के आरोपों पर जवाब
बीजेपी नेताओं द्वारा उठाए गए सवालों पर सिद्धारमैया ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,”बीजेपी कुछ भी दावा कर सकती है, लेकिन क्या वह हमारी हाईकमान है? कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी मामलों में विपक्ष का कोई दखल नहीं हो सकता।
शिवकुमार की सफाई – ‘हाईकमान जो कहेगा, वही करूंगा’
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इन विवादों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस पार्टी के अनुशासन का पालन करेंगे और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ खड़े रहेंगे। “मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं है। जो हाईकमान कहेगा, मुझे वही करना होगा। मुझे किसी के समर्थन की जरूरत नहीं।”
शिवकुमार का फोकस 2028 पर
शिवकुमार ने यह भी कहा कि वह फिलहाल मुख्यमंत्री पद की कोई इच्छा नहीं रखते। उनका ध्यान 2028 में कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाने पर है। “मेरा लक्ष्य है कि कांग्रेस 2028 में मजबूती से सत्ता में लौटे। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष होने के नाते, शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने कभी किसी से नहीं कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए और पार्टी में अनुशासन ही सर्वोच्च है। जब सिद्धारमैया मुख्यमंत्री हैं, तो नेतृत्व को लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।
रणदीप सुरजेवाला और खड़गे की सफाई भी आई
कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी साफ किया कि “कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की कोई योजना नहीं है। अगर कोई निर्णय होगा, तो पार्टी हाईकमान ही करेगा। सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों के ताजा बयानों ने साफ संकेत दिया है कि कर्नाटक में फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, कांग्रेस के भीतर चल रही चर्चाओं और विधायकों की कुछ मांगों से यह जरूर स्पष्ट होता है कि अंदरूनी खिचाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।





