नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । कर्नाटक में मुख्यमंत्री एच.डी. सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के तबादले को लेकर तीखी खींचतान सामने आई है। यह विवाद विभागीय अधिकारियों के तबादले को लेकर गहराया है। विवाद तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्रालय के चीफ इंजीनियर्स का तबादला शिवकुमार की सहमति के बिना कर दिया। इस मुद्दे को लेकर डीके शिवकुमार ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर साफ कर दिया है कि उनके विभाग के अधिकारियों के तबादले में उनकी मंजूरी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बिना उनकी सहमति के इस तरह के कदम उचित नहीं हैं।
डीके शिवकुमार ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य के मुख्य सचिव को लिखे एक पत्र में गहरी नाराजगी व्यक्त की है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में ही उन्होंने निर्देश दिए थे कि उनके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभागों, विशेषकर जल संसाधन विभाग में अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियों से जुड़े किसी भी आदेश को मुख्य प्रशासनिक सचिवालय शहरी अवसंरचना (C.A.S.U.I) की पूर्व स्वीकृति के बिना जारी नहीं किया जाना चाहिए।
डीके शिवकुमार ने अपने पत्र में आगे लिखा है, “जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंताओं के तबादले से जुड़े सेवा-संबंधी मामलों में मेरी स्वीकृति लेना अनिवार्य है। लेकिन हाल ही में अधिसूचना संख्या CASUI 28 SE 2024, दिनांक 09.05.2025 के तहत कुछ मुख्य अभियंताओं के तबादले मेरी अनुमति के बिना किए गए हैं। मैं इस आदेश के उल्लंघन पर कड़ा ऐतराज व्यक्त करता हूं।”
डिप्टी सीएम ने आदेश को तत्काल वापस लेने का दिए निर्देश
डिप्टी मुख्यमंत्री ने इस आदेश को तत्काल वापस लेने का निर्देश भी दिया है और साफ कहा है कि भविष्य में इस तरह के किसी भी आदेश को उनकी पूर्व मंजूरी के बिना जारी नहीं किया जाना चाहिए।





