नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने सभापति जगदीप धनखड़ को उनके पद से हटाने के लिए उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस प्रस्ताव का नेतृत्व मल्लिकार्जुन खडगे कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार विपक्षी दल इस प्रस्ताव को इस सत्र में ही लाना चाहते थे। लेकिन राज्यसभा की कार्यवाही समय से 3 दिन पहले ही समाप्त हो गई थी, जिसके कारण विपक्ष इस प्रस्ताव को ला नहीं सका। अब विपक्षी दल जगदीप धनखड़ के खिलाफ इस अविश्वास प्रस्ताव को शीतकालीन सत्र में ला सकता है। विपक्ष का कहना है कि सभापति जगदीप धनखड़ विपक्ष के नेताओं को बोलने का मौका ही नहीं देते हैं।
राज्यसभा सदस्यों के बहुमत से सभापति को उनके पद से हटाया जा सकता है
आइए अब जानते हैं कि क्या विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाकर सभापति जगदीप धनखड़ को उनके पद से हटा सकते हैं? सबसे पहले बता दें कि सभापति देश के उपराष्ट्रपति भी होते हैं। यह देश का दूसरा सबसे बड़ा पद होता है। उपराष्ट्रपति खुद अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति को देकर अपना पद छोड़ सकते हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के अनुसार सभापति को राज्यसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाकर उनके पद से हटाया जा सकता है। इसके लिए 14 दिन पहले ही लिखित नोटिस देना जरुरी होता है। जिसके बाद राज्यसभा सदस्यों के बहुमत से सभापति को उनके पद से हटाया जा सकता है।
जानकारी के लिए बता दें कि इस प्रस्ताव को पहले कम से कम 50 सदस्यों के हस्ताक्षर से सचिवालय भेजा जाता है। आइए विस्तार से जानें कि क्या विपक्ष अपने प्रस्ताव के जरिए सभापति जगदीप धनखड़ को हटा पाएगा? राज्यसभा में अभी तक सदस्यों की कुल संख्या 225 है, वहीं सभापति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने के लिए राज्यसभा में कम से कम 113 सदस्यों के मतों की जरुरत पड़ेगी। जानकारी के लिए बता दें कि इंडिया गठबंधन के पास कुल मिलाकर 87 सीटें हैं। वहीं अगर BJD और YSR कांग्रेस की भी सीटों को जोड़ दिया जाएं तो विपक्ष के पास 106 सीटें हो जाएगी।
विपक्ष का प्रस्ताव लाकर जगदीप धनखड़ को हटाना बड़ा ही मुश्किल है
वहीं NDA गठबंधन के पास राज्यसभा में कुल मिलाकर 110 सीटें हैं, जो कि इस बहुमत से सिर्फ 3 सीटें ही दूर हैं। बता दें कि 3 सितंबर 2024 को राज्यसभा की 12 सीटों पर चुनाव होगा, जिसमे NDA 10 सीट तक जीत सकती हैं। जिसके बाद NDA के पास राज्यसभा में बहुमत हो जाएगा। लेकिन आपको बताना चाहेंगे कि NDA जगदीप धनखड़ को नहीं हटाना चाहता है, विपक्ष जगदीप धनखड़ को उनके पद से हटाना चाहता है। लेकिन उनके पास राज्यसभा में बहुमत बनते हुए नहीं दिखाई दे रहा है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ वकील के अनुसार प्रस्ताव को राज्यसभा में पारित करने के बाद लोकसभा में भी भेजा जाएगा और वहां भी सभापति के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना होगा। इसका कारण सभापति का देश का उपराष्ट्रपति होना भी है।
अब बता दें कि NDA के पास लोकसभा में 296 सदस्य हैं और विपक्ष के पास 234 लोकसभा के सदस्य हैं। जिसके अनुसार विपक्ष को जगदीप धनखड़ को हटाने के लिए 272 लोकसभा सदस्यों(सांसदों) की आवश्यकता होगी। इसके अनुसार विपक्ष का प्रस्ताव लाकर जगदीप धनखड़ को हटाना बड़ा ही मुश्किल है। इसका अंदाजा को भी भली भांति होगा। फिर भी इस प्रस्ताव को लाने का विपक्ष का मकसद जगदीप धनखड़ की कार्यशैली को मीडिया के सामने लाने का हो सकता है या भविष्य में विपक्ष के नेताओं को भी अपना पक्ष रखने देने के लिए सभापति जगदीप धनखड़ पर दवाब बनाना हो सकता हअन्य खबरों के लिए क्लिक करें- https://raftaar.in/




