नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन की संभावनाओं के लिए एक मिनी कमेटी बनाई है। इस कमेटी की आम आदमी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत भी शुरू हो चुकी है। वहीं नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक कांग्रेस और आप के बीच हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन का ऐलान नहीं हुआ है।
क्यों दोनों ही पार्टियां अपने गठबंधन का ऐलान करने में देरी कर रही है
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के कहने पर कांग्रेस की तरफ से दीपेंद्र हुड्डा आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा से सीट शेयरिंग को लेकर लगातार बैठक कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार दोनों ही पार्टी एक या दो दिन में इसका ऐलान कर देगी। वहीं इसको लेकर सबके मन में एक सवाल जरुर आ रहा होगा कि जब दोनों ही पार्टी गठबंधन को लेकर इतनी गंभीर है तो समस्या कहां आ रही है। क्यों दोनों ही पार्टियां अपने गठबंधन का ऐलान करने में देरी कर रही है। इस सवाल का जवाब हम इस खबर के माध्यम से समझने की कोशिश करेंगे।
गठबधन में देरी का सबसे बड़ा कारण, सीट शेयरिंग है
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर गठबधन में देरी का सबसे बड़ा कारण, सीट शेयरिंग है। आम आदमी पार्टी हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस से 9 विधानसभा सीटों की मांग कर रही है। वहीं कांग्रेस चाहती है कि अगर उसे हरियाणा विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और अन्य दल को साथ लेकर चलना है तो वे गठबंधन के तहत उन्हें कम से कम सीट दे।
कांग्रेस बहुत ही सोच समझकर अपना कदम आगे बढ़ा रही हैकांग्रेस हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर पूरे आत्मविश्वास में है, इसका कारण लोकसभा चुनाव के नतीजे, सरकार के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी और जाट-किसान की नाराजगी जैसे मुद्दे हैं। कांग्रेस बहुत ही सोच समझकर अपना कदम आगे बढ़ा रही है। इसलिए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के गठबंधन के ऐलान को लेकर देरी हो रही है।
हरियाणा कांग्रेस के नेता आप के साथ गठबंधन नही चाहते हैं
वहीं हरियाणा में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन में देरी का तीसरा कारण राज्य के नेताओं की नाराजगी का है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा बिल्कुल भी नहीं चाहते हैं कि कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन हो। वह लोकसभा के चुनाव से पहले और उसके बाद से कहते हुए आ रहे हैं कि कांग्रेस विधानसभा का चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी। वहीं कांग्रेस ने आप के साथ गठबंधन की संभावनाओ की जिम्मेदारी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे और सांसद दीपेंद्र हुड्डा को सौपी है, हरियाणा कांग्रेस के नेता आप के साथ गठबंधन नही चाहते हैं। उन्हें डर है कि कहीं कांग्रेस को इस गठबंधन से किसी प्रकार का नुकसान न हो। अब एक या दो दिन में कांग्रेस आप के साथ सीट शेयरिंग को लेकर अपने फैसले का ऐलान कर देगी।





