नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। विनेश फोगाट की चचेरी बहन बबीता फोगाट ने एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में विनेश फोगाट पर निशाना साधा है। विनेश फोगाट भारत की जानी मानी महिला पहलवान हैं। पेरिस ओलंपिक में विनेश फोगाट ने अच्छा प्रदर्शन किया था। हालांकि विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक में 200 ग्राम वजन अधिक हो जाने के कारण गोल्ड मेडल मैच से डिस्क्वालिफाई हो गई थीं। लेकिन जब वह पेरिस ओलंपिक खेलने के बाद भारत लौटी तो उनका जोरदार स्वागत किया गया था। यहां तक कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपेंद्र हुड्डा खुद उनके स्वागत में एयरपोर्ट पर खड़े थे। विनेश फोगाट ने कुछ समय बाद कांग्रेस की सदस्यता ले ली थी। कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर विनेश फोगाट को जुलाना विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया है।
क्या विनेश फोगाट ने राजनीति में प्रवेश करने के लिए सलाह ली थी?
एक मीडिया चैनल ने बबीता फोगाट से विनेश फोगाट को लेकर कई सवाल किए जिसकी शुरुआत मीडिया चैनल ने बबीता फोगाट से यह सवाल पूछ कर की, कि क्या विनेश फोगाट ने राजनीति में प्रवेश करने के लिए सलाह ली थी? इस सवाल के बाद बबीता फोगाट के जवाब में से ही मीडिया चैनल ने कई सवाल पूछे। बबीता फोगाट ने कहा कि राजनीति में प्रवेश करने के लिए हर कोई स्वतंत्र है।
उसी तरह विनेश फोगाट का भी यह अपना फैसला है। हो सकता है उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला पहले से ले लिया हो। बबीता फोगाट ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि विनेश फोगाट शादीशुदा हैं और परिवार से जुड़ी हुई हैं। इसके बाद बबीता फोगाट ने कहा कि समाज में कहा जाता है कि शादी के बाद बेटी का सबसे बड़ा घर ससुराल हो होता है। मां बाप भी अपनी बेटी को यही शिक्षा देते हैं कि वह अपने ससुराल की बातों का अधिक से अधिक ध्यान दें और अपना घर चलाएं।
विनेश फोगाट आजकल किसकी बातों को मानती हैं?
इसके बाद मीडिया चैनल से बबीता फोगाट से सवाल किया कि विनेश फोगाट आजकल किसकी बातों को मानती हैं? इसपर बबीता फोगाट ने कहा कि हम तो यही कहेंगे कि विनेश फोगाट अपने परिवार के लोगों की बात सुनेंगी। इसके बाद मीडिया चैनल ने बबीता फोगाट से सवाल किया कि क्या हुड्डा जी ने आपके परिवार के बीच में फूट डाल दी है?
इस पर बबीता फोगाट ने कहा कि-बिल्कुल। बबीता फोगाट ने कहा कि जब विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक खेलने के बाद भारत वापस आई थी तो दीपेंद्र हुड्डा वहां कोच बनकर खड़े हुए थे। लेकिन इससे पहले हमेशा खिलाड़ी के साथ उनके कोच खड़े रहते थे। बबीता फोगाट ने कहा कि उनके पिता महावीर फोगाट भी खुद विनेश फोगाट का स्वागत करने के लिए एअरपोर्ट जाना चाहते थे, लेकिन दीपेंद्र हुड्डा वहां कोच के रूप में खड़े थे।
क्या आपके पिता महावीर फोगाट को इससे दुःख हुआ?
इसके बाद मीडिया ने बबीता फोगाट से सवाल किया कि क्या आपके पिता महावीर फोगाट को इससे दुःख हुआ? बबीता फोगाट ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि दुःख क्यों नहीं होगा? हर किसी को तकलीफ भी होगी। आखिर जिस गुरु ने विनेश फोगाट को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है, उसका दर्द को आप महसूस कर सकते हैं।
एक तो मेरे पिता विनेश फोगाट के पेरिस ओलंपिक में गोल्ड मेडल मैच में डिस्कवालिफाई होने से पहले ही दुःखी थे। बबीता फोगाट ने कहा कि उन्होंने अपने पिता महावीर फोगाट को अपने जीवन में तीन बार ही रोते हुए देखा है, एक बार जब मेरे चाचा की मौत हो गई थी तब, दूसरी बार जब हम बहनों की शादी के बाद विदाई हुई थी तब और तीसरी बार जब यह घटना हुई है तब। इसके बाद बबीता फोगाट भी बहुत भावुक हो गई थी, उनकी आखें नम हो गई थी।
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