नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जम्मू कश्मीर में 18 सितंबर से विधानसभा चुनाव होने हैं। सभी पार्टियां अपनी-अपनी राजनीतिक गोटियां सेट करने में व्यस्त हैं, लेकिन इन सभी राजनीतिक पार्टियों को एक डर सता रहा है और वो है निर्दलीय उम्मीदवारों का डर। दरअसल जम्मू-कश्मीर के इतिहास में पहली बार विधानसभा चुनाव में इतनी बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतर रहे हैं। इन निर्दलीय उम्मीदवारों में से अधिकतर को बड़े जनाधार का समर्थन हासिल है।
अभी तक घोषित उम्मीदवारों में से 44 फीसदी निर्दलीय
जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के 10 सालों बाद पहली बार विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इस विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या में अचानक से वृद्धि हुई है। अभी तक घोषित कुल उम्मीदवारों में से 44 फीसदी निर्दलीय हैं। इनमें से अधिकतर निर्दलीय उम्मीदवारों का अपना जनाधार है। इसलिए इनके चुनाव जीतने की संभावना ज्यादा है। विधानसभा चुनाव में अगर किसी भी एक पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता है तो ये निर्दलीय उम्मीदवार किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं। चुनावी विशेषज्ञों के अनुसार जम्मू-कश्मीर का चुनाव इस बार इसलिए बेहद खास है क्योंकि दशकों बाद ऐसा हुआ है कि मैदान में निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा है। यह लोगों के बीच लोकतंत्र में भरोसे का बड़ा संकेत है। वहीं जब वोट बंटेंगे तो जम्मू कश्मीर में अलगी सरकार बनाने में इनकी भूमिका अचानक से बढ़ जाएगी।
अच्छी बात है कि निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में आए हैं- अल्ताफ बुखारी
अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने न्यूज चैनल इंडिया टीवी से बात करते हुए कहा कि निर्दलीय उम्मीदवारों का विधानसभा चुनाव लड़ना अच्छी बात है। जमात ए इस्लामी का चुनाव लड़ना बेहद महत्वपूर्ण है। हम चाहते हैं कि वो सीट जीतकर लाएं ताकि उनपर लगा प्रतिबंध खत्म हो। बुखारी आगे कहते हैं कि हम निर्दलीय उम्मीदवारों को एकजुट कर रहे हैं, लेकिन हम ये भी जानते हैं कि इनमें से बहुत सारे प्रॉक्सी उम्मीदवार खड़े हुए हैं।
दो चरणों में उतरे 214 निर्दलीय उम्मीदवार
गौरतलब है कि पहले और दूसरे चरण के चुनाव के लिए 214 निर्दलीय उम्मीदवारों ने विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से पर्चा भरा है। इनमें जेल में बंद सांसद इंजीनियर अब्दुल रशीद शेख के नेतृत्व वाली अवामी इत्तेहाद पार्टी (AIP) से जुड़े उम्मीदवार भी है। AIP ने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से विधानसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरणों में 26 उम्मीदवार मैदान में उतारें है। वहीं एनसी और PDP ने आरोप लगाया है कि जेल में बंद शेख रशीद की AIP के उम्मीदवारों ज्यादातर जो निर्दलीय उम्मीदवार हैं वो भाजपा के प्रॉक्सी उम्मीदवार हैं। इसलिए उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ति ने लोगों से झांसे में नहीं आने की अपील की है।




