नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र जारी कर दिया है। अमित शाह आज 6 सितंबर 2024 को जम्मू-कश्मीर पहुंचे हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने BJP के संकल्प पत्र के माध्यम से जम्मू कश्मीर में मोदी सरकार के द्वारा किए गए कार्यों और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों को लेकर जानकारी दी है।
जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 इतिहास बन चुका है
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र जारी करने के बाद कहा कि हमारी पार्टी के लिए जम्मू-कश्मीर का भूभाग आजादी के समय से ही काफी महत्वपूर्ण रहा है। हमने जम्मू-कश्मीर को जोड़े रखने के लिए अनेको प्रयास किए हैं। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 इतिहास बन चुका है। जो अब कभी भी लौटकर नहीं आ सकता है। केंद्रीय मंत्री ने इसका कारण बताते हुए कहा है कि यही विचारधारा जम्मू-कश्मीर में युवाओं के हाथ में पत्थर थमाती थी।
जम्मू- कश्मीर अब विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ओनी बात जारी रखते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर हमारे लिए वर्ष 1947 से ही काफी महत्वपूर्ण रहा है, यह तभी से हमारे दिल के करीब रहा है। जम्मू- कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अन्य राजनीतिक पार्टियों ने हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति की है, ये लोग ही अलगाववाद के लिए जिम्मेदार हैं। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 10 साल के इतिहास को स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। आर्टिकल- 370 के कारण ही जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद पनपा। जितनी भी सरकारे आई वो सब अलगाववादियों के सामने झुकती रहीं। अब आर्टिकल- 370 और 35A इतिहास का हिस्सा बन चुका है। जम्मू- कश्मीर अब विकास और प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
अब छात्र उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए जम्मू-कश्मीर आ रहे हैं
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर में 59 नए नए कॉलेज खोले गए हैं, जिसमे से 30 कॉलेज कश्मीर में और 29 जम्मू में हैं। मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर में 2 एम्स, आईआईएम, आईआईटी, यूनानी अस्पताल, निफ्ट खोले हैं। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि पिछले 70 सालों में जम्मू-कश्मीर के छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए देश के अन्य राज्यों में जाना पड़ता था। अब देश के बाकि हिस्सों से छात्र उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए जम्मू-कश्मीर आ रहे हैं।




