नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जब भी ‘विदेश सचिव’ का जिक्र होता है, तो जहन में एक ऐसा व्यक्तित्व उभरता है जो गंभीर, जिम्मेदार और भारत की अंतरराष्ट्रीय रणनीति का प्रमुख मार्गदर्शक होता है। हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी अहम सैन्य पहल की सार्वजनिक जानकारी साझा कर सुर्खियों में आए विदेश सचिव विक्रम मिसरी एक बार फिर लोगों की चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि देश के इस सर्वोच्च राजनयिक पद पर कार्यरत व्यक्ति को कितनी सैलरी मिलती है? चलिए, जानते हैं…
विदेश सचिव को कितनी मिलती है सैलरी ?
वर्तमान में भारत के विदेश सचिव को 7वें वेतन आयोग के अंतर्गत 2,25,000 रुपये प्रति माह की निर्धारित बेसिक सैलरी मिलती है। यह पे लेवल-17 में आता है, जो केंद्र सरकार की सबसे ऊंची वेतन श्रेणियों में से एक है। इसके अलावा, विदेश सचिव को आवास, वाहन, यात्रा भत्ता और सुरक्षा जैसी कई सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं, जो इस पद की अहमियत को दर्शाती हैं।
विदेश सचिव का पद क्यों है खास?
विदेश सचिव, विदेश मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी होते हैं और भारत की विदेश नीति के मुख्य स्थापक माने जाते हैं। यह पद न केवल नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि संकट के समय रणनीतिक दिशा भी तय करता है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष रखने से लेकर वैश्विक संबंधों को मजबूत बनाने तक यह भूमिका बेहद प्रभावशाली होती है।
विक्रम मिसरी वर्तमान में विदेश सचिव के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे चीन में भारत के राजदूत और प्रधानमंत्री के प्रधान निजी सचिव जैसे रणनीतिक पदों पर रह चुके हैं। उनकी गहरी राजनयिक समझ और लंबा प्रशासनिक अनुभव उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए आदर्श बनाता है। विदेश सचिव का चुनाव आम तौर पर भारतीय विदेश सेवा (IFS) के सबसे वरिष्ठ और योग्य अधिकारियों में से किया जाता है।





