back to top
21.1 C
New Delhi
Friday, March 20, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

नंबी नारायणन का ISRO से क्या है नाता? देश की जानकारी लीक करने के मामले में फंसाया गया, CBI का खुलासा

ISRO: नंबी नारायण के सहयोगी ने उनपर झूठे आरोप लगाए थे कि उन्होंने ISRO की जानकारी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को मालदीव की दो महिलाओं को दिया है और उसके बदले में उन्होंने पैसे लिए हैं।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। सीबीआई ने ISRO जासूसी मामले में अंतरिक्ष विज्ञानी नंबी नारायणन को फंसाने को लेकर कुछ दिन पहले खुलासा किया था। अब सीबीआई ने अंतरिक्ष विज्ञानी नंबी नारायणन को 1994 के इसरो जासूसी मामले में फंसाने को लेकर 5 लोगों के खिलाफ तिरुअनंतपुरम की एक कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया है। सीबीआई ने अंतरिक्ष विज्ञानी नंबी नारायण पर लगे सारे आरोपों को गलत बताया है। 

नंबी नारायण को इस तरह से फंसाना हमारे सिस्टम की एक बड़ी नाकामी है

सीबीआई की जांच को आधार मानते हुए अंतरिक्ष विज्ञानी नंबी नारायण को सुप्रीकोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया था। अंतरिक्ष विज्ञानी नंबी नारायण को इस तरह से फंसाना हमारे सिस्टम की एक बड़ी नाकामी है। जब इतने बड़े वैज्ञानिक को इस तरह से झूठे मामले में फंसाया जा सकता है, तो आम आदमी का क्या होगा? म

नंबी नारायण को इस झूठे मामले में कई दिनों तक जेल में रहना पड़ा था

नंबी नारायण भारत के अंतरिक्ष विज्ञानी(एयोस्पेस वैज्ञानिक) हैं। उन्होंने ISRO में लंबे समय तक अपनी अपनी सेवाएं दी है। नंबी नारायणन को ISRO ने कुछ समय के लिए क्रायोजेनिक्स डिवीजन के प्रभारी का पदभार भी सौंपा था। नंबी नारायणन को वर्ष 2019 में उनके बेहतर कार्य के लिए पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। नंबी नारायण को वर्ष 1994 में झूठे जासूसी मामले में फंसा दिया गया था। उनपर उनके सहयोगी ने यह आरोप लगाए थे। जिसके बाद केरल पुलिस और आईबी की टीम ने नंबी नारायण को जासूसी के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। नंबी नारायण को इस झूठे मामले में कई दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। 

सुप्रीम कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया

नंबी नारायण के सहयोगी ने उनपर झूठे आरोप लगाए थे कि उन्होंने ISRO की जानकारी और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों को मालदीव की दो महिलाओं को दिया है और उसके बदले में उन्होंने पैसे लिए हैं। नंबी नारायण के सहयोगी के इन झूठे आरोपों के कारण, नंबी नारायण को कई दिनों तक जेल में रहना पड़ा था। इसके बाद यह मामला सीबीआई के पास गया। सीबीआई ने जब इस मामले की गहन जांच की तो पाया कि नंबी नारायण को जासूसी के मामले में फंसाया गया है। सीबीआई की जांच को आधार मानते हुए अंतरिक्ष विज्ञानी नंबी नारायण को सुप्रीम कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने नंबी नारायण को इस मामले में बरी करते हुए उन्हें 50 लाख रूपये मुआवजा देने के आदेश जारी किए थे। अन्य खबरों के लिए क्लिक करें :- www.raftaar.in

Advertisementspot_img

Also Read:

ISRO का ‘बाहुबली’ रॉकेट लॉन्च! क्यों पड़ा यह नाम? SS राजामौली ने बताया

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क।भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार को अपने एक ऐतिहासिक मिशन के तहत भारत की धरती से अब तक के सबसे...
spot_img

Latest Stories

क्यों है वैष्णो देवी की इतनी मान्यता, जानिए माता रानी से जुड़ी कहानी और कथा

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। नवरात्रि का पर्व चल रहा ऐसे...

मिलिंद नाम का मतलब- Milind Name Meaning

Milind Name Meaning - मिलिंद नाम का मतलब: Honeybee/मधुमक्खी Origin...

चैत्र नवरात्रि अष्टमी कब है? जानें कन्या पूजन की सारी जानकारी

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) हिन्दू...

Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल का सबसे अमीर विधायक कौन? जानिए कितनी है नेटवर्थ

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। साल 2026 के विधानसभा चुनावों से...