नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दुर्गा पूजा के माहौल के बीच आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ हुए रेप और मर्डर केस में न्याय की मांग कर रहे 9 डॉक्टर आमरण अनशन पर चले गए हैं। यह डॉक्टर्स पिछले 100 घंटों से अनशन पर बैठे हुए हैं। हालांकि बंगाल सरकार ने डॉक्टरों के साथ हड़ताल खत्म करने को लेकर बैठक की लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही।
क्या है डॉक्टरों की मांगे
डॉक्टर्स मांग कर रहे हैं कि अस्पतालों के लिए एक सेंट्रलाइज्ड रेफरल सिस्टम का गठन किया जाए। उनके वर्कस्पेस पर उचित सुविधाएं हों। बेड वैकेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाए। स्थायी महिला पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाए। डॉक्टरों, नर्सों और अन्य खाली पड़े पदों पर स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती की जाए। मुख्य सचिव मनोज पंत का कहना है कि प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें मौखिक आश्वासन के अलावा कुछ भी नहीं मिल रहा है।
नहीं थी इस तरह की असंवेदनशीलता की उम्मीद
जूनियर डॉक्टरों की ओर से देबाशिश हल्दर की ओर से कहा गया है कि, “हमारे दोस्त बिना खाना खाए इतने दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार कह रही है कि वह उनकी मांगों पर पूजा के बाद अक्टूबर के तीसरे हफ्ते में विचार करेंगी। हमने इस तरह की असंवेदनशीलता की उम्मीद नहीं की थी।”
स्वास्थ्य सचिव को हटाने की मांग
इसके अलावा डॉक्टरों ने उनके साथियों को पकड़ने के लिए पुलिस की भी आलोचना की है। ये लोग दुर्गा पूजा पंडालों के बाहर लीफलेट लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि पीड़िता को इंसाफ दिलाना इनकी प्राथमिकता रहेगी। यह लोग स्वास्थ्य सचिव एन एस निगम को तत्काल रूप से हटाने की मांग कर रहे हैं।
इससे पहले 50 वरिष्ठ डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा
इससे पहले कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के आमरण अनशन को सपोर्ट करते हुए 50 वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया था।





