नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों के आमरण अनशन को सपोर्ट करते हुए 50 वरिष्ठ डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है। दरअसल, जूनियर डॉक्टर भ्रष्ट सेवा प्रणाली को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।
डॉक्टर्स का बयान
इस फैसले का ऐलान करते हुए डॉक्टर्स ने बताया कि मंगलवार को विभागाध्यक्षों की बैठक में यह फैसला लिया गया कि 50 सीनियर डॉक्टर्स जूनियर डॉक्टर्स का समर्थन करते हुए अपने पद से इस्तीफा देंगे। यह डाक्टर्स की एकजुटता का परिचायक बताया गया।
इससे पहले हाल ही में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में थ्रेट कल्चर और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही कमेटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 डॉक्टरों समेत 59 स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया था।
अभी कुछ ही दिनों पहले कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने पीड़िता की एक मूर्ति स्थापित की है। मूर्तिकार असित सेन ने कहा है कि, ‘क्राई ऑफ द आर’ नाम की मूर्ति में पीड़िता के डर और दर्द को दर्शाया गया है। इस मूर्ति को ऊंचे स्लैब पर स्थापित किया गया है। इसमें एक महिला रोते हुए दिखाई दे रही है। इसे प्रिंसिपल के ऑफिस के पास लगाया गया है।
सोशल मीडिया पर किया गया विरोध
एक यूजर ने इसे अपमानजनक और असंवेदनशील बताया है। एक अन्य यूजर ने लिखा, यह कितना असंवेदनशील है इससे हैरान हूं। किसी के दर्द को अमर कर दिया जाना, किसी को सिर्फ यौन शोषण के लिए जाने जाना गलत है। मुझे उम्मीद है इसे जल्द हटा दिया जाएगा।
TMC नेता ने भी की थी आलोचना
तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने भी ट्रेनी डॉक्टर की मूर्ति स्थापित करने पर जूनियर डॉक्टरों की आलोचना की थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति ऐसा नहीं कर सकता, कला के नाम पर भी नहीं। इसे नहीं हटाया गया तो विरोध प्रदर्शन होंगे और न्याय की मांग की जाएगी। मूर्ति में दर्द से आहत लड़की को चेहरा ठीक नहीं है। पीड़िता की तस्वीरों या मूर्तियों का इस्तेमाल न करने का दिशा-निर्देश हैं।
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