नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। प्रयागराज इन दिनों आस्था का केंद्र बना हुआ है। करोड़ों लोग महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी है कि तिल रखने भर के लिए जगह नहीं है। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को लेकर कुछ ऐसा कह दिया है जिसके बाद उनपर न सिर्फ सवाल खड़े किए जा रहे है बल्कि उनपर हिंदू विरोधी होने के आरोप भी लग रहे हैं। दरअसल, ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में बोला कि महाकुंभ अब मृत्युकुंभ में बदल गया है। बीजेपी ने उनके इस बयान की निंदा की है।
‘महाकुंभ अब मृत्यु कुंभ में बदल चुका है’- ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि अगर इतना बड़ा आयोजन किया जाना है तो उसके लिए यूपी सरकार को एक विस्तृत योजना बनानी चाहिए थी। लेकिन सरकार ने VIP लोगों को ज्यादा अहमियत दी। गरीबों को इससे वंचित रखा जा रहा है। महाकुंभ अब मृत्युकुंभ में बदल चुका है। ममता बनर्जी ने कहा कि अमीरों के लिए स्पेशल कैम्प बनाए गए हैं, उनका किराया एक लाख रूपये रोजाना का है लेकिन गरीबों के लिए कोई व्यवस्था नहीं।
‘भगदड़ के बाद बिना पोस्टमार्टम के भेजे शव’
पश्चिम बंगाल विधानसभा में ममता बनर्जी ने महाकुंभ में हुई भगदड़ में यूपी सरकार पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए बोला कि जब महाकुंभ में भगदड़ हुई तो पश्चिम बंगाल के मृ्तकों को सरकार ने बिना पोस्टमार्टम के वापस भेज दिया था। ‘आप देश को बांटने के लिए धर्म बेचते हैं। हमने यहां पोस्टमॉर्टम किया क्योंकि आपने बिना डेथ सर्टिफिकेट के शव भेज दिए. इन लोगों को मुआवजा कैसे मिलेगा। उन्होंने गंगासागर मेले का जिक्र करते हुए अपनी सरकार की कार्यशैली को भी सामने रखा और दोनों के बीच तुलना की।




