नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। केंद्र सरकार 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर संसद में मौजूद रहने के लिए कहा है। दूसरी ओर, कांग्रेस ने विपक्षी दलों की एक बैठक बुलाई है, जिसमें इस विधेयक पर रणनीति तैयार की जाएगी।
विधेयक पर होगी आठ घंटे की चर्चा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई बिजनेस एडवायजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए आठ घंटे का समय तय किया गया है। हालांकि, विपक्ष ने 12 घंटे की चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार ने अन्य मुद्दों पर भी चर्चा कराने की बात कही, जिसके चलते समय सीमा आठ घंटे रखी गई। चर्चा के बाद विधेयक पर वोटिंग होगी। कांग्रेस ने 1 अप्रैल को विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है, जिसमें इस विधेयक को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी इस मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि अगर सरकार ने संख्या बल के आधार पर विधेयक पास कराया, तो वे इस मामले को कोर्ट तक ले जाएंगे।
बीजेपी का पक्ष-मुसलमानों को गुमराह किया जा रहा
बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि विपक्ष इस बिल को लेकर मुसलमानों को गुमराह कर रहा है। उन्होंने सीएए आंदोलन की तुलना करते हुए कहा कि यह बिल मुसलमानों के हित में है और इससे अवैध रूप से कब्जाई गई संपत्तियां मुक्त होंगी। केरल में वक्फ संपत्ति को लेकर विवाद के बीच कैथोलिक संगठनों ने सरकार के वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है। उन्होंने संपत्ति के स्वामित्व से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग भी की है। कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने एनडीए सहयोगी दलों जैसे जदयू (नीतीश कुमार), टीडीपी (चंद्रबाबू नायडू), लोजपा चिराग पासवान और आरएलडी (जयंत चौधरी) को चेतावनी दी कि अगर वे इस विधेयक का समर्थन करते हैं, तो मुस्लिम समाज उन्हें माफ नहीं करेगा। सरकार के पास लोकसभा में बहुमत है, लेकिन विपक्ष इस विधेयक का पुरजोर विरोध कर रहा है। अब देखना होगा कि 2 अप्रैल को होने वाली चर्चा और वोटिंग में क्या नतीजा सामने आता है। अगर विपक्ष को लगेगा कि उन्हें संख्याबल से दबाया जा रहा है, तो वे इस मामले को अदालत तक ले जा सकते हैं।




