नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड में पंचायत चुनाव 2025 के नतीजों का सबको बेसब्री से इंतजार है। 31 जुलाई को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी और पहली बार इन नतीजों को ऑनलाइन भी जारी किया जाएगा। इस बार कुल 32,580 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। चुनाव दो चरणों में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए, जिसमें मतदान प्रतिशत भी उत्साहजनक रहा।
पहली बार ऑनलाइन नतीजे
राज्य निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस बार चुनाव नतीजे आयोग की वेबसाइट पर ऑनलाइन प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। यह पंचायत चुनावों के इतिहास में पहली बार होगा, जब मतगणना के परिणाम ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।
दो चरणों में हुआ मतदान, भारी उत्साह
पहला चरण: 24 जुलाई को हुआ, जिसमें 68% मतदान हुआ। दूसरा चरण: 28 जुलाई को हुआ, जिसमें 70% मतदान दर्ज किया गया। दूसरे चरण में 21.57 लाख मतदाताओं ने हिस्सा लिया। इसमें 65.50% पुरुष और 74.50% महिलाएं शामिल रहीं। पर्वतीय इलाकों में बारिश के बावजूद वोटरों में जोश बना रहा। देहरादून, नैनीताल और उधम सिंह नगर जैसे मैदानी इलाकों में भी मतदान को लेकर भीड़ देखने को मिली।
89 ब्लॉकों में शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि 12 जिलों के 89 विकास खंडों में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराए गए। कुल मतदाताओं की संख्या 47.77 लाख रही, जिसमें 24.65 लाख पुरुष, 23.10 लाख महिलाएं और 374 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे।
22,429 प्रत्याशी निर्विरोध विजयी
अब तक 22,429 प्रत्याशी बिना चुनाव लड़े ही निर्विरोध जीत चुके हैं। बाकी 11,082 पदों के लिए 32,580 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतगणना के लिए राज्य भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। सॉफ्टवेयर आधारित रेंडमाइजेशन प्रक्रिया से 95,909 कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जिनमें 35,700 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। मतगणना केंद्रों में सहसपुर स्थित गुरु राम राय इंटर कॉलेज जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं। इस बार के पंचायत चुनाव को लेकर कुछ विवाद भी हुए। हाईकोर्ट में मतदाता सूची में गड़बड़ी और सावन-कांवड़ यात्रा के समय चुनाव कराने को लेकर याचिकाएं दाखिल हुई थीं। आरोप लगे कि सरकार ने चुनाव की पर्याप्त तैयारी नहीं की। हालांकि इसके बावजूद आयोग ने चुनाव सफलतापूर्वक कराया। उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025 अब अपने निर्णायक मोड़ पर है। 31 जुलाई को आने वाले नतीजे न केवल गांव की सरकारों का भविष्य तय करेंगे, बल्कि यह चुनाव डिजिटल और पारदर्शिता के लिहाज से भी ऐतिहासिक साबित होगा।





