नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बर्फबारी के चलते चमोली-बद्रीनाथ हाईवे पर बड़ा हादसा हो गया। सड़क निर्माण में लगे 57 मजदूरों में से कई बर्फ के नीचे दब गए। हादसा बद्रीनाथ माणा के पास सीमा सड़क पर हुआ, जहां मजदूर हाईवे के निर्माण कार्य में जुटे थे।
ग्लेशियर टूटने से मजदूर दबे
सूत्रों के अनुसार, हादसे की वजह ग्लेशियर का टूटना बताया जा रहा है। बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) के मेजर प्रतीक काले ने जानकारी दी कि कुल 57 मजदूर कार्य कर रहे थे, जिनमें से 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया है। बाकी मजदूरों को बचाने के लिए तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बीआरओ, सेना और आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) की टीम मौके पर पहुंच गई। SDRF और NDRF की टीमें भी राहत कार्य के लिए रवाना हो चुकी हैं, लेकिन भारी बर्फबारी के कारण हाईवे बंद होने से रेस्क्यू टीम को पहुंचने में दिक्कतें हो रही हैं।
प्रशासन का अलर्ट
चमोली के जिलाधिकारी डॉ. संदीप तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में यातायात बहाल करने, बिजली आपूर्ति को ठीक करने और बर्फ से ढकी सड़कों को जल्द से जल्द साफ करने का काम किया जा रहा है। उत्तराखंड में भारी बर्फबारी और ग्लेशियर टूटने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। इसी वजह से पहाड़ी इलाकों में रहने वालों और काम करने वाले मजदूरों को लगातार सतर्क रहने की जरूरत है। चमोली-बद्रीनाथ हाईवे पर हुए इस हादसे के बाद प्रशासन, सेना और रेस्क्यू टीमें पूरी ताकत से राहत कार्य में जुटी हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि कितने मजदूर अभी भी बर्फ के नीचे दबे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।




