रफ्तार डेस्क नई दिल्ली। यूपीएससी रके चेयरमैन मनोज सोनी ने पर्सनल रीजन्स के चलते इस्तीफा दे दिया है। दरअसल उनका कार्यकाल 2029 में पूरा होना था लेकिन उन्होंने इससे पांच सालृ पहले ही इस्तीफा दे दिया।
वडोदरा की महाराजा सायाजीराव यूनिवर्सिटी बरोड़ा के छात्रा रहे
सोनी ने इंडियन एक्सप्रेस को शनिवार को इस बात की पुष्टि की कि वो इस्तीफा दे रहे हैं। सोनी वडोदरा की महाराजा सायाजीराव यूनिवर्सिटी बरोड़ा से पढ़े हुए हैं। इन्होंने ऐसा समय में इस्तीफा दिया है जब कमीशन ने प्रोबेशनरी आईएस ऑफिसर पूजा खेडकर को अपनी झूठी पहचान के आधार पर सिविल सर्विस की परीक्षा दी थी। हालांकि पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सोनी के इस्तीफे पूजा खेडकर के मामले का कोई लेना-देना नहीं है।
40 साल की उम्र में वाइस चांसलर बनने वाले पहले व्यक्ति
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करीबी कहे जाने वाले सोनी 28 जून 2017 को कमीशन के सदस्य बने थे और उन्होंने 16 मई 2023 को चेयरमैन के रूप में शपथ ली थी। सोनी गुजरात की डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी के दो बार वाइस चांसलर रह चुके हैं। साथ ही महाराजा सायाजीराव यूनिवर्सिटी बरोड़ा के एक बार वाइस चांसलर रह चुके हैं। वह भारत में 40 साल की उम्र में वाइस चांसलर बनने वाले पहले व्यक्ति थे।
पॉलिटिकल साइंस के छात्र रहे और इंटरनेशनल स्टडीज पढ़ाया भी
वह पॉलिटिकल साइंस के छात्र रहे और सरदार पटेल यूनिवर्सिटी, वल्लभ विद्या नगर में इंटरनेशनल स्टडीज को पढ़ाया भी। कई संस्थानों के बोर्ड ऑफ जनरल में भी रहे।
लंदन में चार्टर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स वर्ल्ड एजुकेशन कांग्रेसग्लोबल अवार्ड से सम्मानित किए गए
सोनी को लंदन के चार्टर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अकाउंटेंट्स वर्ल्ड एजुकेशन कांग्रेसग्लोबल अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने “अंडरस्टैंडिंग द ग्लोबल पॉलिटिकल अर्थक्वेक” नाम की किताब भी लिखी है।




