नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। अगर आपकी गाड़ी घर पर खड़ी थी और फिर भी FASTag से टोल कट गया, तो आप अकेले नहीं हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने माना है कि साल 2025 में ऐसे करीब 18 लाख मामलों में गलत तरीके से टोल वसूला गया, जिसके बाद लोगों को पैसा वापस करना पड़ा।
बिना टोल प्लाजा पहुंचे कट गया पैसा
सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, कई मामलों में वाहन टोल प्लाजा तक पहुंचा ही नहीं था, फिर भी FASTag वॉलेट से पैसे कट गए। आंकड़ों के अनुसार, करीब 35 फीसदी मामलों में गाड़ी मौके पर मौजूद नहीं थी, इसके बावजूद टोल चार्ज लग गया। NHAI की ओर से बताया गया कि यह गड़बड़ी ज्यादातर मैनुअल एंट्री के कारण हुई। जब किसी वजह से ऑटोमैटिक FASTag सिस्टम काम नहीं करता, तो टोल कर्मचारी वाहन नंबर मैन्युअली सिस्टम में डालते हैं। इसी दौरान अगर गलत नंबर दर्ज हो जाए, तो किसी दूसरे वाहन मालिक के FASTag से पैसे कट जाते हैं।
लोकसभा में सरकार ने मानी गलती
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि NPCI ने 2025 में करीब 17.6 लाख गलत ट्रांजैक्शन की पहचान की, जिनमें बाद में रिफंड दिया गया। हालांकि यह संख्या कुल 464 करोड़ FASTag ट्रांजैक्शन का सिर्फ 0.03 फीसदी है, लेकिन सरकार ने इसे गंभीर मामला माना है। लंबे समय से FASTag से गलत पैसे कटने की शिकायतें सामने आ रही थीं। सोशल मीडिया पर भी लोग ऐसे मामलों को उठा चुके हैं। अब सरकार टोल प्लाजा पर वाहन नंबर की मैनुअल एंट्री पूरी तरह बंद करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसी गड़बड़ियां न हों।
FASTag से समय और ईंधन दोनों की बचत
सरकार ने यह भी बताया कि FASTag लागू होने के बाद टोल प्लाजा पार करने का समय काफी कम हुआ है। पहले औसतन एक वाहन को 12.2 मिनट लगते थे अब यह समय घटकर करीब 40 सेकंड रह गया है वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे से 50,195 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हुआ है, जबकि पूरे पिछले वित्त वर्ष में 61,508 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी। अगर आपने FASTag पेमेंट अलर्ट सेट नहीं किए हैं, तो तुरंत करना जरूरी है, ताकि गलत कटौती की जानकारी तुरंत मिल सके।





