नई दिल्ली/रफ्तार न्यूजः केरल के वायनाड जिले में हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 123 से अधिक हो गई है। वहीं 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा लापता 180 लोगों के लिए बचाव अभियान जारी है। बचावकर्मी मलबे में दबे लोगों की खोज कर रहे हैं, जिससे आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में दावा किया है कि केरल सरकार को 23 जुलाई को ही भूस्खलन के लिए चेतावनी दे दी गई थी और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की 9 टीमों को भी वहां भेजा गया था। अगर राज्य सरकार ने इस चेतावनी को गंभीरता से लिया होता तो काफी जानें बचाई जा सकती थी।
अमित शाह ने जताया दुख
शाह ने सदन में भूस्खलन के कारण मरने वालों के प्रति शोक जताया और कहा कि कुछ राज्यों ने ऐसी चेतावनियों पर सही समय पर काम किया और नुकसान से बचाव किया। उन्होंने ओडिशा का उदाहरण दिया, जहां चक्रवात की चेतावनी मिलने पर सही समय पर कदम उठाए गए, जिससे केवल 1 व्यक्ति की ही मौत हुई। शाह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार 2014 के बाद से पूर्व चेतावनी तंत्र पर 2000 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है, जिससे राज्यों को पहले ही चेतावनी दी जाती है।
75 मृतकों की हो चुकी है पहचान
केरल में इस भूस्खलन के बाद कई लोग लापता है और 300 से ज्यादा घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। अब तक 75 मृतकों की पहचान हो चुकी है और 123 शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है। मलबे से मिले शवों को मेप्पडी स्वास्थय केंद्र और नीलमबुर सरकारी अस्पताल में रखा जा रहा है।
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