नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे का MVA के CM चेहरे के रूप में विधानसभा का चुनाव लड़ना मुश्किल दिख रहा है। इसका कारण शरद पवार को बताया जा रहा है। एक समय ऐसा था जब उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी शिव सेना को BJP से अलग कर लिया था, तो उस वक्त शरद पवार ही ऐसे इंसान थे, जिन्होंने उद्धव ठाकरे को MVA में मुख्यमंत्री बनने की सलाह दी थी। आज शरद पवार के कारण ही उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र में MVA के मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पेश करने का निर्णय नहीं लिया जा रहा है। शरद पवार उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र के सीएम बनने के रास्ते में रुकावट बनने का कार्य कर रहे हैं।
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की इस बात का जिक्र तक नहीं किया
उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी(MVA)की तरफ से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने के लिए काफी समय से लगे हुए थे। इसके लिए उद्धव ठाकरे ने अपने बेटे आदित्य ठाकरे के साथ दिल्ली भी आए थे और इंडिया गठबंधन के कई नेताओं के साथ मुलाकात भी की थी। उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे की राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुई मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा था। लेकिन किसी ने भी महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की इस बात का जिक्र तक नहीं किया, जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने मीडिया के माध्यम से अपने मन की बात खुलकर सबके सामने रखी थी।
क्या वे मुझे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे?
पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने मीडिया के माध्यम से MVA में शामिल सभी दलों के लिए कहा था कि अगर मेरे सहयोगियों को मेरे द्वारा किए गए काम बेहतरीन लगे हो तो क्या वे मुझे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहेंगे? इसके साथ ही पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा था कि उन्होंने कभी सपने में भी मुख्यमंत्री बनने का सपना नहीं देखा था, न ही वह ऐसा करना चाहते थे, लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी से कभी नहीं भागेंगे। उद्धव ठाकरे ने अपनी बात जारी रखते हुए MVA के लिए कहा था कि उन्होंने यह जिम्मेदारी ली और उसको अपनी पूरी क्षमता के साथ बेहतरीन तरीके से करने की कोशिश की है। अगर मेरे MVA के साथियों को मेरा काम अच्छा लगा हो, तो वे बताएं कि क्या वे मुझे मुख्यमंत्री के रूप में देखेंगे?
इस आधार पर तय होगा सीएम
जब MVA में उद्धव ठाकरे की बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अगर कांग्रेस और NCP(SP) के पास मुख्यमंत्री का कोई चेहरा हो तो उसका ऐलान करें, हम सब उसका समर्थन करेंगे। वहीं शरद पवार के बयानों से यह तो साफ हो गया है कि वह चुनाव से पहले MVA के सहयोगी दल कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और एनसीपी (SP) के किसी भी नेता को मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में नहीं दिखायेंगे। अब MVA में मुख्यमंत्री के चेहरे का फैसला विधानसभा चुनाव में जो भी पार्टी सबसे अधिक सीट जीत कर लाएगी, उसके आधार पर किया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शरद पवार का यह फैसला कांग्रेस में नाना पटोले की बढती ताकत को कम करने के लिए भी हो सकता है। नाना पटोले BJP को छोड़कर कांग्रेस में आए थे। शरद पवार चाहते हैं कि उनकी पार्टी एनसीपी (एसपी) विधानसभा चुनाव में ज्यादा मजबूत बनकर निकले। शरद पवार चाहते हैं कि विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे भी मजबूत बनकर सामने आए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शरद पवार की एनसीपी (एसपी) महाराष्ट्र में कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन करना चाहती है।





