मेडिकल टेस्ट में पता चला कि कई बच्चियों का कौमार्य भंग हो चुका है। एक पीड़ित बच्ची ने अपने परिवार को बताया कि स्कूल में दादा (मराठी में भाई) ने उसके कपड़े उतारे और उसके प्राइवेट पार्ट में हाथ लगाया।