नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के जालौन में दो मित्रों ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। उन्होंने जहरीला पदार्थ खाने से पहले जानें मानें दार्शनिक ओशो का प्रवचन सुना था। दोनों दोस्त ओशो को खूब मानते थे। उन्होंने मौत से पहले अपने सोशल मीडिया अकाउंट इंस्टाग्राम पर शवयात्रा और चिता जैसे स्टेटस लगाए थे।
यह घटना कालपी कोतवाली क्षेत्र के अंतगर्त हुई है
दोनों दोस्तों के इस कदम से उनके परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने दोनों दोस्तों की डेथ बॉडी को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार यह घटना कालपी कोतवाली क्षेत्र के अंतगर्त हुई है। दोनों दोस्तों ने एक सुनसान इलाके में जाकर जहर खा लिया था। जिसमे से एक दोस्त बालेंद्र की घटनास्थल में ही मौत हो जाती है। जबकि दूसरे दोस्त अमन की हालत ज्यादा खराब हो जाने के बाद वह तुरंत अपने परिवार को इसकी सूचना देता है। जिसके बाद अमन के परिजन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचते हैं और अमन को कालपी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाते हैं। जहां इलाज शुरू होने से पहले ही अमन की मौत हो जाती है।
दोनों दोस्त जानें मानें दार्शनिक ओशो के प्रवचन सुना करते थे
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार अमन और बालेंद्र दोनों अच्छे दोस्त थे। इनमे से अमन शादी शुदा था। वह मेडिकल स्टोर चलाता था। जबकि बालेंद्र की अभी शादी नहीं हो रखी थी। दोनों दोस्त जानें मानें दार्शनिक ओशो के प्रवचन सुना करते थे। दोनों ने मौत से पहले अपने मोबाइल पर 3 स्टेटस लगाए थे। जिससे पता चलता है कि दोनों दोस्त मौत से पहले ओशो का प्रवचन सुन रहे थे। जानकारी के अनुसार बालेंद्र ने अपने मोबाइल पर जो स्टेटस लगाया था उसमे शवयात्रा, जलती चिता और ओशो की फोटो थी। फोटो में ‘मृत्यु ही सत्य है’ लिखा हुआ था। पुलिस ने दोनों की डेथ बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टेम के लिए भेज दिया है और अपनी जांच शुरू कर दी है।
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