नई दिल्ली, 19 जून (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शनिवार को कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर लोकतंत्र व अभिव्यक्ति की आजादी पर लेक्चर न दे। उन्होंने कहा कि ट्विटर भारत से लाभ कमा रहा है और उसे भारतीय संविधान और कानूनों का पालन करना होगा। केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया और सोशल सिक्योरिटी पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नए दिशा-निर्देश सोशल मीडिया के उपयोग के तौर-तरीकों को लेकर नहीं बल्कि उसके दुरुपयोग को रोकने से जुड़े हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नए आईटी नियम असल में शिकायत निवारण की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य फेसबुक, व्हाट्सएप और ट्विटर जैसे बड़े मीडिया मंचों को कानूनी रूप से वैध अनुरोधों पर कार्रवाई करने के लिए जवाबदेह बनाना है। नए आईटी नियमों की जानकारी देते हुए रविशंकर ने कहा कि इन के माध्यम से सोशल मीडिया कंपनियों को भारत में आधारित एक शिकायत निवारण अधिकारी, अनुपालन अधिकारी और नोडल अधिकारी नियुक्त करना अनिवार्य है। इससे सोशल मीडिया का उपयोग करने वाले लाखों यूजर्स को मंच के माध्यम से शिकायत निवारण व्यवस्था प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि कोई बड़ी मांग नहीं की गई है बल्कि इन कंपनियों को केवल तीन अधिकारियों की नियुक्ति के लिए कहा गया है। यह बुनियादी जरूरत है। भारत को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर किसी के लेक्चर की जरूरत नहीं है। भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव होते हैं यहां की न्यायपालिका पूरी तरह से स्वतंत्र है मीडिया और नागरिक समाज भी स्वतंत्र है। उन्होंने इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया कि कंपनियों को 3 महीने का समय दिया गया था कि वह नए आईटी नियमों का पालन कर सकें। वह स्वयं कह चुके हैं कि और अधिक समय भी दिया जाएगा। अब जब वह अनुपालन नहीं कर रहे हैं तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का नियमों के मुताबिक सामना करना पड़ रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/अनूप




