नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । राजधानी दिल्ली इस समय मौसम और प्रदूषण के अटैक का सामना कर रही है। पहले से ही प्रदूषण और कोहरे से जूझ रही दिल्ली में अब तेज ठंड ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। आज शनिवार की सुबह मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला, जब ठंडी हवाओं के साथ घना कोहरा छा गया और सर्दी ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। भारतीय मौसम विभाग ने 21 और 22 दिसंबर के लिए घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
इस बीच, तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। वहीं, वायु गुणवत्ता की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। आसपास के इलाकों में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जहां नोएडा का AQI लगभग 410 दर्ज किया गया है। मौसम और प्रदूषण के इस संयुक्त असर ने लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा प्रभाव डालना शुरू कर दिया है।
दिल्ली-NCR में दिन में भी बढ़ी ठिठुरन, तापमान में गिरावट
दिल्ली-NCR में ठंड का असर अब सिर्फ रातों तक सीमित नहीं रह गया है। दिन के समय भी सर्दी लोगों को महसूस होने लगी है। बीते तीन से चार दिनों के भीतर अधिकतम तापमान में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले जहां पारा 24 डिग्री के आसपास बना हुआ था, वहीं अब यह घटकर करीब 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दिन के समय धूप कमजोर पड़ती नजर आ रही है, जबकि आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ रही है। इसके साथ ही तेज होती हवाएं भी मौसम को और ठंडा बना रही हैं। पिछले 24 घंटों में हवा की रफ्तार करीब 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जो आने वाले समय में लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है।
जहरीली हवा से बेहाल दिल्ली-NCR
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और लोगों के लिए सांस लेना भी चुनौती बनता जा रहा है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब से लेकर खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है। राजधानी दिल्ली में AQI 580 दर्ज किया गया है, जबकि शाहदरा में यह 784, दरियागंज में 736 और शास्त्री नगर में 643 तक पहुंच गया है। पूरे दिल्ली-NCR क्षेत्र में AQI का स्तर 700 से 800 के बीच बना हुआ है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यंत जोखिम भरा माना जाता है।
प्रदूषण और घने कोहरे के संयुक्त असर के कारण बीते 24 घंटों में कई इलाकों में दृश्यता घटकर 100 मीटर से भी कम रह गई है। इस खराब हवा का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है, खासकर सांस और आंखों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की अपील की जा रही है।
अगले कुछ दिनों में राहत की उम्मीद नहीं
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी इलाकों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहुंच रहा है, जिसके चलते 20 से 22 दिसंबर के बीच अच्छी बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। इस मौसमी सिस्टम का प्रभाव मैदानी क्षेत्रों में बादलों और घने कोहरे के रूप में दिखाई देगा। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। वहीं, गंगा के मैदानी इलाकों में कोहरे का असर लगातार बना रहने की संभावना है, जिससे सुबह और रात के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है।




