नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। नैनीताल शहर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना को लेकर बढ़े आक्रोश से दूसरे दिन भी शहर में बवाल जारी रहा । कारोबारियों के अनुसार इस घटना से बुकिंग निरस्त होने से पर्यटन स्थलों में सन्नाटा रहा। दुष्कर्म की घटना को लेकर दूसरे दिन भी पूरा दिन सड़कों पर प्रदर्शनकारी और पुलिस प्रशासन ही नजर आया।
रैली निकालकर लोगों ने ज्ञापन सौंपा
बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं और उनके साथ वहां के लोकल रहवासियों ने सड़क पर उतरकर आरोपित 70 वर्षीय उस्मान अली खान को फांसी देने और उसके घर पर बुलडोजर कारवाई की मांग की। साथ ही रैली निकालकर लोगों ने आयुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा।
POCSO की विशेष अदालत में पेशी पर लाने पर मारने दौड़े वकील
हल्द्वानी में आरोपित को पोक्सो की विशेष अदालत में पेशी के लाएं जाने पर आक्रोशित वकीलों द्वारा मारने की कोशिश की गई जिसे बाद में पुलिस ने बचाया। कड़ी सुरक्षा के बीच उसे जेल भेजा गया। वहीं हाई कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने के साथ उचित कारवाई का भरोसा दिया।
तीन दिन में आरोपित को अतिक्रमण हटा लेने का समय
दुष्कर्म मामले में उत्तराखंड की महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने भी आरोपित की संपत्ति पर बुलडोजर कारवाई की मांग की है। इसके साथ ही नगर निगम ने भी आरोपित के घर नोटिस चस्पा कर अतिक्रमण हटा लेने तीन दिन का समय दिया है। प्रदर्शनकारियों की शाम को एसएसपी से बातचीत के बाद आंदोलन खत्म करने की घोषणा की गई।
ठेकेदार उस्मान अली खान गिरफ्तार
12 वर्षीय बालिका के साथ नैनीताल में बुधवार रात वहां के ठेकेदार उस्मान अली खान द्वारा दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद फैलते तनाव व आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने उस्मान को गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी के लिए चार मजिस्ट्रेट भी तैनात
इस मामले में कोर्ट में भी सभी वकीलों ने इस आरोपी के केस को हाथ में लेने से मना कर दिया, वहीं प्रदर्शनकारियों द्वारा कमिश्नर दीपक रावत का वाहन रोक हल्ला बोल किया गया। जिसे देखते हुए शहर में भारी पुलिस बल तैनात किए गए और इस निगरानी के लिए चार मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं। कोर्ट ने इस मामले में आदेश देते हुए कहा, एक जगह पर भीड़ को एकत्रित न होने फोर्स की गश्त जारी रहे जिससे कि बनभूलपुरा कांड जैसा माहौल पैदा न हो।
नैनीताल में 50 प्रतिशत बुकिंग रद्द
इधर नैनीताल शहर में हंगामे की सूचना के बाद कई पर्यटकों के वाहन आधे रास्ते ही लौट गए जिससे झील में नौकायन प्रभावित रहा और पर्यटन स्थलों में सन्नाटा रहा।




