नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। एक ऐसा नेता जिनका परिवार भारत की राजनीति की सबसे बड़ी विरासतों में गिना जाता है। लेकिन फिर भी उनकी मां सोनिया गांधी ने एक दिन उन्हें सत्ता को “जहर” कहा था। इस मौके पर जानते हैं उनके जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें। राहुल गांधी ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज से डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स में एम.फिल की डिग्री हासिल की। वह अपने परिवार में सबसे अधिक शिक्षित माने जाते हैं। पढ़ाई के बाद उन्होंने कुछ समय तक विदेश में एक कंपनी में नौकरी भी की थी। राहुल गांधी ने सुरक्षा कारणों से यूनिवर्सिटी में अपनी पहचान ‘राउल विंची’ के नाम से छिपा रखी थी। उनकी असली पहचान सिर्फ यूनिवर्सिटी प्रशासन को पता थी।
“सत्ता जहर है बेटा” – सोनिया गांधी की वो सलाह
साल 2013 में जब राहुल गांधी कांग्रेस उपाध्यक्ष बने, तब उन्होंने अपने भाषण में बताया कि उनकी मां सोनिया गांधी ने रात को आकर कहा,”सत्ता जहर है, यह ताकत साथ खतरे भी लाती है।” यह बयान काफी चर्चित रहा और उनके सोचने के तरीके को भी दर्शाता है। राहुल गांधी ने जनवरी 2004 में पहली बार अमेठी का दौरा किया और फिर मार्च में चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने करीब तीन लाख वोटों से जीत हासिल की थी। अमेठी वही सीट है, जहां से उनके पिता राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी भी सांसद रह चुके हैं। 2006 में हैदराबाद में कांग्रेस सम्मेलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल को कोई पद देने की मांग की, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया। वह राजनीति में धीरे-धीरे और सोच-समझकर कदम रखना चाहते थे।
विवादित बयानों से हमेशा चर्चा में
राहुल गांधी अपने बयानों के चलते कई बार विवादों में घिरते रहे हैं। 2007 में उन्होंने कहा था कि “अगर गांधी परिवार का कोई व्यक्ति बाबरी मस्जिद के वक्त सक्रिय होता, तो उसे गिरने नहीं दिया जाता। इस बयान पर विपक्ष ने उन्हें घेर लिया था। 2011 में राहुल गांधी को भट्टा पारसौल गांव जाते समय गिरफ्तार किया गया था। उस समय वे किसानों से मिलने जा रहे थे जो भूमि अधिग्रहण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। उस समय यूपी में मायावती की सरकार थी। राहुल गांधी को तैराकी, साइक्लिंग, बॉक्सिंग, निशानेबाजी का शौक है। उन्होंने मार्शल आर्ट्स और विमान उड़ाने की भी ट्रेनिंग ली है।
दादी और पिता की हत्या ने छोड़ी गहरी छाप
राहुल गांधी के जीवन में दो बहुत बड़ी ट्रैजेडी आईं 1984: जब वे सिर्फ 14 साल के थे, उनकी दादी इंदिरा गांधी की हत्या हो गई। 1991: जब वे 21 साल के थे, उनके पिता राजीव गांधी की हत्या हुई। इन दोनों घटनाओं ने उन्हें मानसिक रूप से गहरा झकझोर दिया। राहुल गांधी अब कांग्रेस पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और भारत जोड़ो यात्रा जैसी पहलों से जनता से जुड़ने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीति में उनका सफर आसान नहीं रहा, लेकिन उनकी कोशिशें लगातार जारी हैं।




