नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने नए सत्र 2026 में कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए नई योजना बनाई है।
इसके तहत अब साल में दो बार परीक्षाएं आयोजित होंगी। सीबीएसई 2026-27 के सत्र के लिए 260 विदेशी स्कूलों के लिए एक वैश्विक पाठ्यक्रम भी तैयार करेगा। बता दें कि हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस निर्णय पर चर्चा की गई थी। यह बदलाव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत लाया जा रहा है, ताकि छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम किया जा सके और उन्हें अपनी तैयारियों के हिसाब से परीक्षा देने का मौका मिल सके।
अधिकारियों ने इस संबंध में बताया कि इस योजना का खाका सार्वजनिक डोमेन में डाल दिए जाएंगे। इस ड्राफ्ट पर 9 मार्च तक आम लोग अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। इन प्रतिक्रियाओं के बाद, नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। सीबीएसई कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा का पहला चरण चरण फरवरी-मार्च और दूसरा चरण मई 2026 में आयोजित होगा।
एक ही सेंटर पर होंंगे दोनों एग्जाम
इस योजना के अनुसार दोनों परीक्षाओं के लिए स्टूडेंट्स को एक ही एग्जाम सेंटर पर जाना होगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाएं आसान होंगी और छात्रों को अलग-अलग केंद्रों की असुविधा नहीं होगी।
बढ़ जाएगी एग्जाम फीस
सीबीएसई बोर्ड एग्जाम की फीस में वृद्धि करने की योजना भी है। हालांकि बढ़ी हुई फीस की सटीक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
प्रैक्टिकल एग्जाम एक बार ही
सीबीएसई ने यह भी तय किया है कि Practical Exam और Internal Assessment केवल एक बार ही होंगे। स्टूडेंट्स को 10वीं की दोनों बोर्ड परीक्षाओं के लिए अलग-अलग एग्जाम देने की जरूरत नहीं होगी।
परीक्षा का पहला-दूसरा चरण कब होगा?
बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीबीएसई बोर्ड 10वीं परीक्षा का पहला चरण 17 फरवरी से 6 मार्च तक आयोजित किया जाएगा, जबकि दूसरा चरण 5 से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा।





