नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डुओं में पशुओं के चर्बी के कथित उपयोग को लेकर आंध्र प्रदेश की राजनीति गर्म है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष पूर्व CM वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सीएम चंद्रबाबू नायडू पर धर्म पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। लड्डुओं को लेकर आंध्र प्रदेश में भले ही विवाद खड़ा हो गया है, लेकिन इसका प्रभाव ना तो तिरुपति के लड्डुओं की बिक्री पर पड़ा है और ना ही श्रद्धालुओं की संख्या पर।
4 दिनों में 14 लाख से ज्यादा लड्डुओं की हुई बिक्री
इस संबंध में एक न्यूज चैनल ने मंदिर प्रशासन के हवाले से बताया कि पिछले 4 दिनों में 14 लाख से ज्यादा लड्डुओं की बिक्री हो चुकी है। इस संबंध में जब जब चैनल ने श्रद्धालुओं से पूछा तो उन्होंने बताया कि हमारी आस्था इतनी मजबूत है कि उसे इस तरह के प्रपंचों से हिलाया नहीं जा सकता। अब लड्डू विवाद बीती बात हो गई है।
लड्डुओं की बिक्री में नहीं आई गिरावट
मंदिर प्रशासन ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 19 सितंबर को कुल 3.59 लाख लड्डू, 20 सितंबर को 3.17 लाख, 21 सितंबर को 3.67 लाख और 22 सितंबर को 3.60 लाख लड्डुओं की बिक्री हुई। मंदिर प्रशासन ने आगे बताया कि पहले भी बिक्री के औसत आंकड़े 3.50 लाख प्रतिदिन था। जो की अभी भी वहीं है।
हर दिन 3 लाख से ज्यादा लड्डुओं का होता है निर्माण
बता दें कि, तिरुपति के लड्डुओं के निर्माण में बंगाल चना, गाय का घी, काजू, किशमिश, बादाम और चीनी का इस्तेमाल किया जाता है। तिरुपति के लड्डुओं के निर्माण में प्रतिदिन 15000 किलो गाय के घी का इस्तेमाल होता है। जानकारी के मुताबिक मंदिर में प्रतिदिन 3 लाख से ज्यादा लड्डू बनाये जाते हैं। जिसे श्रद्धालु अपने परिजनों या रिश्तेदारों के लिए अक्सर खरीदते हैं। तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए प्रतिदिन 60 हजार से ज्यादा लोग आते हैं।
क्यों उठा था विवाद?
दरअसल आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि YSRCP की सरकार में तिरुपति के लड्डुओं के निर्माण में इस्तेमाल किये जाने वाले घी में पशुओं की चर्बी का इस्तेमाल किया जाता था। जिसके बाद तिरुपति बालाजी मंदिर का प्रसादम राजनीति के केंद्र में आ गया। राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया है।
पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने धार्मिक राजनीतिकरण का लगाया आरोप
वहीं YSRCP प्रमुख और आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी ने टीडीपी पर धार्मिक राजनीतिकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि घी आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया हर 6 महीने में की जाती है। जिसे कभी नहीं बदला गया। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम्स (TTD) घी के प्रत्येक खेप के नमूने को इकट्ठा करके उनका परीक्षण करता है और जो घी परीक्षण में पास होता है। उसे ही लड्डू निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है। रेड्डी ने आंध्रा सीएम नायडू पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।





