नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू के प्रसाद में मिलावट की खबर पर देश की राजनीति गर्म है। तिरुपति के प्रसाद के सैंपल की जांच करने वाली लैब गुजरात के आणंद में स्थित है। यहां पर दूध और उससे बनने वाले प्रोडक्ट्स की टेस्टिंग की जाती है। इस लैब का नाम NDDB CALF है। इस लैब में 80 लोग कार्यरत हैं। इन लोगों में से 40 एनालिस्ट हैं जो टेस्टिंग के लिए आने वाले सैंपलों की जांच करते हैं।
दूध, घी, मक्खन, पनीर, फल-सब्जी की होती है टेस्टिंग
NDDB CALF में दूध, घी, मक्खन, पनीर, फल-सब्जी से लेकर हर खाने पीने वाली चीज की प्रमाणिक टेस्टिंग होती है। तिरुपति मंदिर में बनने वाले प्रसाद का लड्डू भी इसी लैब की जांच के दौरान क्वालिटी में फेल हुआ।
साल 2021 तक सरकार के अधीन थी
यह लैब साल 2021 तक केंद्र सरकार के आईएएस अधिकारी के अधीन रही। यहां रिसोर्सिस बढ़े तो और हाईटेक मशीनें आईं। जिसके बाद फल, सब्जियों, वसा, तेल, शहद, नमक, चीनी और पानी तक की जांच यहां होने लगी। यहां कीटनाशक, एंटीबायोटिक्स समेत कई चीजों का विश्लेषण होता है।
CALF ने 2021 में proficiency टेस्टिंग शुरू की। यहां दूध में फैट की शुद्धता, डेयरी प्रोडक्ट्स में डाइऑक्सिन एनलिसिस के लिए देश की पहली अनूठी सुविधा स्थापित की गई है।
मीनेश शाह हैं लैब के अध्यक्ष
वर्तमान में इस लैब के अध्यक्ष मीनेश शाह हैं, जो पिछले 35 से अधिक सालों से इसके साथ जुड़े हुए हैं। पहले यह बोर्ड मेंबर थे। उसके बाद उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया और साल 2022 में अध्यक्ष के साथ प्रबंध निदेशक भी बनाया गया।
यह NDDB की सहयोगी कंपनी है
NDDB CALF एनडीडीबी की सहयोगी कंपनी है जो एनडीडीबी के तहत आती है। NDDB का मैनेजमेंट ही उसकी देखरेख करता है। इसकी स्थापना संसद के अधिनियम के तहत की गई थी और यह स्वायत्त संस्था है जो भारत सरकार के मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी विभाग के अंतर्गत आती है।




