नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड (TTD) ने अब गैर हिन्दू कर्मचारियों पर VRS लेने या किसी दूसरे विभाग में ट्रांसफर कराने का दवाब बनाना शुरू कर दिया है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड ने 18 नवंबर 2024 को इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के इस प्रस्ताव से करीब 300 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। बता दें कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड एक स्वतंत्र सरकारी ट्रस्ट है, जो तिरुपति में तिरुमाला वेंकटेश्वरा मंदिर का प्रबंधन संभालती है।
300 गैर-हिन्दू कर्मचारियों पर इसका असर पड़ सकता है
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, TTD के अध्यक्ष बीआर नायडू ने गैर-हिन्दुओं को लेकर लिए गए इस फैसले की जानकारी दी है। जिससे अब तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के 7 हजार स्थाई कर्मचारियों में से 300 गैर-हिन्दू कर्मचारियों पर इसका असर पड़ सकता है। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार TTD में करीब 14 हजार ऐसे कर्मचारी भी हैं, जो संविदा पर काम कर रहे हैं। TTD के इस फैसले को कई कर्मचारी यूनियनों का भी बड़ा समर्थन मिल रहा है।
अभी तक TTD एक्ट को 3 बार संशोधित किया जा चुका है
TTD के अध्यक्ष बीआर नायडू का इसको लेकर कहना है कि सिर्फ हिन्दुओं को ही मंदिर का कामकाज देखना चाहिए। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक TTD एक्ट को 3 बार संशोधित किया जा चुका है, ताकि तिरुपति मंदिर बोर्ड और उससे जुड़े संस्थानों में सिर्फ हिन्दुओं को नौकरी में रखा जा सके।
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रावधानों के बाद भी गैर हिन्दुओं का अभी भी ट्रस्ट में काम करना जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश में सीएम चंद्रबाबू नायडू की सरकार के सत्ता में आने के बाद से हिन्दू कर्मचारियों की तरफ से कथित तौर पर गैर हिन्दुओं के काम करने की शिकायतें बड़ी संख्या में मिल रही हैं। बता दें कि आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर हाल में ही इसके प्रसाद के लड्डू बनाने में लगने वाले घी में जानवर की चर्बी मिलाई जाने के आरोप से मीडिया की सुर्खियों में आया था।




