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Tuesday, March 31, 2026
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खुद को भोले बाबा कहने वाले नारायण सरकार के महलनुमा आश्रम में मोटा दान करने वालों के मिलती थी ‘खास सुविधा’

Hathras Stampede: वहीं हाथरस में प्रवचन देने वाले भोले बाबा के पास संपत्तियों का साम्राज्य है, मीडिया में उनकी संपत्ति का खुलासा हुआ है।

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तर प्रदेश के हाथरस में नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के प्रवचन के कार्यक्रम में ही भगदड़ मचने के कारण 121 लोगों की जान चली गई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में उनके 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को इस मामले में मुख्य सेवादार की तलाश है। उत्तर प्रदेशपुलिस ने उसके ऊपर 1 लाख का ईनाम घोषित किया हुआ है। वहीं हाथरस में प्रवचन देने वाले भोले बाबा के पास संपत्तियों का साम्राज्य है, मीडिया में उनकी संपत्ति का खुलासा हुआ है। 

इस बोर्ड में 200 दानदाताओं का नाम है

जानकारी के अनुसार नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा जिस आश्रम में रहते हैं, वो मैनपुरी के बिछवा में 21 बीघा जमीन में बना हुआ है। उसमे आलिशान कोठी से लेकर लग्जरी गाड़ियों को रखने के लिए गैरेज समेत सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। बाबा के पास संपत्तियों की कोई कमी नहीं है। उन्हें जो भी बड़ी राशि दान में मिलती है, उसको बाबा अपने आश्रम के गेट पर एक बोर्ड में दानदाताओं की सूची में दर्ज करवा देते हैं। उनके दानदाताओं की सूची में 10 हजार से कम दान करने वालों का नाम शामिल नहीं है।

भोले बाबा मैनपुरी के जिस आश्रम में रहते हैं, उसकी जमीन विनोद बाबू ने दान की थी, जो मैनपुरी के ही रहने वाले हैं। भोले बाबा ने अपने दानदाताओं की सूची में सबसे पहले स्थान पर विनोद बाबू का नाम ही लिखवा रखा है। जिसको उनके आश्रम के गेट में लगे बोर्ड में देखा जा सकता है। भोले बाबा की आलीशान कोठी आदि के लिए पैसा दान करने वालों की यह सूची उनके आश्रम के बाहर लगी हुई है। इस बोर्ड में 200 दानदाताओं का नाम है। इस बोर्ड में साफ साफ लिखा हुआ है कि इन दानदाताओं को भोले बाबा के साथ रहने और बाबा के स्वास्थ्य का ध्यान रखने की विशेष सुविधा मिली हुई है ।

इस तरह से धन एकत्रित करना एक जांच का विषय है

नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा जिस आश्रम में रह रहे हैं, उसको रामकुटी ट्रस्ट के द्वारा चलाया जा रहा है। भोले बाबा के पास इसके अलावा भी खूब संपत्ति है। जो अधिकतर उत्तर प्रदेश में हैं और इसके अलावा ग्वालियर में भी उनका आश्रम है। उत्तर प्रदेश में आगरा, कासगंज, शाहजहांपुर और कानपुर में उनकी संपत्ति है। जानकारी के अनुसार बाबा ने इन संपत्तियों को बचाने के लिए अलग अलग ट्रस्ट बनाए हुए हैं। बाबा ने इन ट्रस्टों में ट्रस्टी भी स्थानीय लोगों को बना रखा है। बाबा इन्हीं के जरिए दानदाताओं से पैसा प्राप्त करते हैं। इस तरह से धन एकत्रित करना एक जांच का विषय है। 

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