नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल जिले मुर्शिदाबाद में 8 से 12 अप्रैल के बीच वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई और 274 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा के बाद कई इलाकों में तनाव बना हुआ है, हालांकि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने किया दौरा, पीड़ितों से मिले
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस हिंसा से प्रभावित इलाकों के दौरे पर मुर्शिदाबाद पहुंचे। उन्होंने फरक्का, शमशेरगंज, धुलियान, सुती और जंगीपुर जैसे इलाकों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। मुर्शिदाबाद दौरे पर पहुंचे सीवी आनंद बोस से पीडितों ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि दंगाई उनके घरों में घुस आए थे, उन्हें गालियां दी, उनके साथ मारपीट की। राज्यपाल ने कहा कि लोग खुद को सुरक्षित महसूस करना चाहते हैं और उनकी समस्याओं व सुझावों को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने लोगों को फोन नंबर भी दिया ताकि ज़रूरत पड़ने पर सीधे संपर्क कर सकें।
सैकड़ों परिवार हुए बेघर, राहत शिविरों में रह रहे हैं लोग
हिंसा के डर से कई परिवार मुर्शिदाबाद छोड़कर मालदा जिले में शरण लेने पहुंचे। प्रशासन ने इनके लिए अस्थायी आश्रय स्थल और राहत शिविर बनाए हैं, जहाँ अब ये लोग रह रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि पीड़ितों की हर संभव मदद की जाएगी और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 274 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है, जिन पर दंगा फैलाने और तोड़फोड़ करने के आरोप हैं। हिंसा प्रभावित इलाकों में अर्द्धसैनिक बल और पुलिस को तैनात किया गया है ताकि स्थिति पर नियंत्रण बना रहे और दोबारा हिंसा न हो। आज राज्यपाल बोस शनिवार को खुद मुर्शिदाबाद जा जहाँ वे सीधे शमशेरगंज, सुती, धुलियान और जंगीपुर जैसे प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे।
राष्ट्रपति शासन की मांग, सेना तैनात करने की अपील
भाजपा नेता और फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए सेना की तैनाती और राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर सेना तैनात की जाती है तो राज्य में निष्पक्ष चुनाव हो सकेंगे। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया रहाटकर भी अपनी टीम के साथ मुर्शिदाबाद पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उन्हें शिकायतें मिली हैं कि राहत शिविरों में महिलाओं के साथ ठीक व्यवहार नहीं हो रहा है। आयोग ने इस पर जांच शुरू कर दी है। इसी के साथ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की टीम भी इलाके का दौरा करने वाली है, ताकि जमीनी हालात का आकलन किया जा सके।
VHP का विरोध प्रदर्शन, TMC ने बताई साजिश
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने मुर्शिदाबाद की हिंसा के विरोध में देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) का कहना है कि यह हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा है। पार्टी ने राज्य सरकार पर विश्वास बनाए रखने की अपील की है। हिंसा के कारण सैंकड़ों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं और अब वे अस्थायी राहत शिविरों में रह रहे हैं। लाखों लोगों के बीच अभी भी डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। मुर्शिदाबाद की हिंसा ने राज्य की कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। स्थिति को सामान्य करने के लिए सरकारी एजेंसियों और राष्ट्रीय संस्थानों की टीमें लगातार काम कर रही हैं। आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य सरकार की भूमिका इस मसले को सुलझाने में अहम रहेगी।




