नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र को लेकर चल रहे विवाद में बाबा रामदेव ने दिया बड़ा बयान, 8 मार्च को महाराष्ट्र के नागपुर में पतंजलि फूड एवं हर्बल पार्क के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे योग गुरु ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, भारत भगवान राम, भगवान शिव और छत्रपति शिवाजी महाराज का देश है, औरंगजेब जैसे क्रूर शासकों की तो, बात करना ही व्यर्थ है।
पतंजलि फूड कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे बाबा रामदेव
8 मार्च को महाराष्ट्र के नागपुर में पतंजलि फूड कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, भारत के महान पूर्वजों की विरासत को ध्यान में रखते हुए हमें उनके सपनों को भारत बनाना चाहिए । ना कि औरंगजेब जैसे क्रूर शासकों के बारे में बात करना चाहिए।
‘भारत भगवान राम और कृष्ण की धरती’
बाबा रामदेव ने कहा, भारत में जितने भी क्रूर मुगल शासक हुए उनकी गुलामी की निशानियों को बचाकर रखना निरर्थक है। हमें छत्रपति संभाजी, शिवाजी जैसें महान वीर पुरुषों के विरासत पर ध्यान देना चाहिए, और उनके सपनों का भारत बनाना चाहिए। ये भारत देश हमारे भगवन राम का है, भगवान शिव का है, वीर छत्रपति शिवाजी, संभाजी महाराज का देश है। हमें अपने पूर्वजों के गौरव से प्रेरणा लेनी चाहिए, एक विकसित भारत के रचना में अपना योगदान देना चाहिए।
सनातन धर्म को नष्ट करनेवाले भारत के नायक नहीं-सीएम योगी
इससे पहले यूपी सीएम योगी ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि, भारत के वीर अकबर नहीं महाराणा थे। उन्होंने औरंगजेब को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया, और घुट-घुट कर जीने-मरने पर मजबूर कर दिया। जिन लोगों ने सनातन धर्म को नष्ट करने षड्यंत्र रचा हो, वे कभी भारत देश के नायक नहीं हो सकते। वहीं हल्दीघाटी की धरती को आज पूरा देश तीर्थ के बराबर सम्मान देता है।
क्या बोले थे अबू आजमी
गौरतलब है कि, संभाजी पर आधारित विक्की कौशल की फिल्म Chhava आने के बाद से ही हर कोई इस पर अपनी राय देता नजर आ रहा है, वहीं महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सपा नेता अबू आजमी के औरंगजेब को भारत का वीर शासक बताएं जाने के बाद से ही ये मुद्दा विवाद का रुप ले चुका है। जिसमें अबू आजमी द्वारा कहा गया कि, औरंगजेब के इतिहास को गलत बताया गया है, मैं औरंगजेब को क्रूर शासक नहीं मानता। हमारी देश काफी बड़ा था, उस वक्त लड़ाई युद्ध की थी ना की किसी धर्मं की। औरंगजेब के शासन के दौरान भारत एक सोने की चिड़ियां थी। इस बयान के बाद से ही ये विवाद महाराष्ट्र से लेकर यूपी बिहार के राजनीति में कदम रख चुका है। अब इसपर हिन्दू संगठनों द्वारा औरंगजेब के कब्र को हटाए जाने की मांग भी हो रही है। जो कि औरंगाबाद (संभाजी नगर) जिले में स्थित है।




