नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । गर्मियों के शुरू होते ही मच्छरों की सक्रियता बढ़ जाती है, जिससे मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी तेजी से बढ़ने लगता है। इस मौसम में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के साथ मलेरिया भी आम होता जा रहा है, जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। जब यह मच्छर काटता है, तो एक परजीवी शरीर में प्रवेश करता है जो खून के जरिए सीधे लिवर तक पहुंच जाता है और संक्रमण को तेजी से बढ़ा सकता है।
मलेरिया से बचाव के लिए जरूरी है कि घर के आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने का मुख्य कारण होता है। नालियों और रुके हुए पानी में डीडीटी का छिड़काव करें ताकि मच्छरों की संख्या कम हो सके। चूंकि मलेरिया के लिए सीमित दवाएं ही उपलब्ध हैं, इसलिए घरेलू और प्राकृतिक उपायों की अहमियत और भी बढ़ जाती है। आइए जानते हैं मलेरिया से बचाव और लक्षण के बारे में –
मलेरिया के लक्षण और घरेलू उपाय
गर्मियों के मौसम में मलेरिया का खतरा तेजी से बढ़ता है और इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है। मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को अचानक तेज ठंड लगती है और शरीर का तापमान 101 से 105 डिग्री फॉरेनहाइट तक पहुंच जाता है। इसके साथ ही सिर दर्द, पेट में दर्द, उल्टी, चक्कर आना, थरथराहट, दस्त, एनीमिया और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण भी सामने आते हैं। कई मामलों में लिवर के आकार में वृद्धि भी देखी जाती है। एक रिपोर्ट के अनुसार, हर साल लगभग 18 लाख लोग मलेरिया की चपेट में आते हैं, ऐसे में इससे बचाव के घरेलू उपाय जानना बेहद जरूरी है।
खट्टे फल
अगर बात की जाए इम्युनिटी बढ़ाने वाले फलों की, तो खट्टे फल इस मामले में सबसे ज्यादा असरदार माने जाते हैं। इनमें मौजूद विटामिन-C न सिर्फ संक्रमण को बढ़ने से रोकता है बल्कि बुखार को कम करने और शरीर को जल्दी रिकवर करने में भी मदद करता है। अंगूर, संतरा, नींबू और ब्लैकबेरी जैसे फलों का सेवन मलेरिया से लड़ने में सहायक होता है। खासतौर पर मलेरिया के लक्षण दिखने पर दिन में 2-3 बार संतरे का जूस पीना फायदेमंद माना जाता है।
मेथी के दाने
इसके अलावा, मेथी के दाने भी मलेरिया के मरीजों के लिए काफी लाभदायक होते हैं। यह न केवल शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं, बल्कि मलेरिया के परजीवी को खत्म करने में भी मदद करते हैं। इसके लिए रातभर कुछ मेथी दानों को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें और सुबह खाली पेट इसका सेवन करें। इससे शरीर को मजबूती मिलती है और कमजोरी दूर होती है।
अदरक
अदरक को भी मलेरिया के घरेलू इलाज में बेहद असरदार माना गया है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-मलेरियल गुण शरीर में संक्रमण को फैलने से रोकते हैं। अदरक से तैयार किया गया काढ़ा मलेरिया के लक्षणों को कम करता है और जल्दी राहत पहुंचाता है। इसमें अगर थोड़ा शहद मिला लिया जाए, तो इसका असर और भी बढ़ जाता है। दिन में दो बार इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है।




