नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली में 13 नवंबर 2024 की सुबह धुंध छाई रही। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में 13 नवंबर 2024 की सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) का स्तर बहुत ही खराब श्रेणी में रहा। देश की राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में 13 नवंबर 2024 को AQI 400 के पार पहुंच गया। बता दें कि AQI के 400 पार होने पर इसकों गंभीर स्तर का माना जाता है। दिल्ली की हवा जहरीली बनी हुई है।
“वायु प्रदूषण के कारण भारत में 16.7 लाख लोगों की जान चली गई”
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण बढ़ने का सबसे बड़ा कारण PM2.5 होता है। इसे एक तरह का पॉल्यूटेंट्स भी कहा जाता है। यह इंसानी बाल से भी 100 गुना से भी अधिक पतला होता है। इसके कण इतने छोटे होते हैं कि सांस लेने पर शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। जो कि कई गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।
वायु प्रदूषण का मनुष्य के स्वास्थ्य पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है। साइंस जर्नल लैंसेट की स्टडी के अनुसार वर्ष 2019 में वायु प्रदूषण के कारण भारत में 16.7 लाख लोगों की जान चली गई। वहीं WHO के अनुसार, पूरी दुनिया में हर साल वायु प्रदूषण की वजह से 70 लाख लोगों की मौत हो जाती है।
वायु प्रदूषण HIV-AIDS जैसी गंभीर बीमारी से भी ज्यादा खतरनाक है
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण HIV-AIDS जैसी गंभीर बीमारी से भी ज्यादा खतरनाक है। UNAIDS की एक रिपोर्ट के अनुसार, HIV-AIDS की वजह से हर साल 6.3 लाख लोगों की मौत हो जाती है। वहीं स्टेट ऑफ ग्लोबल एयर की वर्ष 2020 की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में वर्ष 2019 में वायु प्रदूषण के कारण 1.16 लाख नवजातों की जान चली गई थी। यह बच्चे वायु प्रदूषण के कारण 1 महीने तक भी जीवित नहीं रह सके थे। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार खराब हवा में सांस लेने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ना एक कारण तो है ही, लेकिन इससे मनुष्य की उम्र भी कम होती जा रही है।





