नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हेल्थ इंश्योरेंस कितना जरुरी है, यह कोरोना काल हम सबको सीखा गया है। वहीं हेल्थ इंश्योरेंस होने के बाद भी बीमाधारकों को कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ रहा था। इसको लेकर बीमा नियामक इरडा (IRDAI) ने सख्ती बरतते हुए इंश्योरेंस कंपनियों के लिए नए रूल लागू कर दिए हैं। बीमा नियामक इरडा (IRDAI) ने 1 घंटे और 3 घंटे का नया नियम बनाया है। बीमा नियामक इरडा (IRDAI) का यह नया नियम बीमाधारकों को कैशलैस इलाज में काफी मदद करेगा। आइये इस नियम को विस्तार से जानते हैं।
अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को कैशलैस इलाज के लिए 1 घंटे में अप्रूवल देना होगा
बीमा नियामक इरडा (IRDAI) के नए नियम के अनुसार अब बीमाधारकों को इलाज के लिए इंतजार नहीं करना होगा। इरडा ने हेल्थ इंश्योरेंस में कैशलेस भुगतान के नियम में बदलाव कर दिया है। इस बदलाव के कारण बीमाधारकों को अब अस्पताल में इलाज की शुरुआत के लिए पैसे इकठ्ठा करने की जरुरत नहीं पड़ेगी। इससे पहले बीमाधारकों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को कैशलैस इलाज के लिए 1 घंटे में अप्रूवल देना होगा। जिससे बीमाधारकों का अस्पताल में जल्द से इलाज शुरू हो जायेगा।
डिस्चार्ज की रिक्वेस्ट मिलते ही, 3 घंटे के अंदर अप्रूवल देना होगा
बीमा नियामक इरडा (IRDAI) के नए नियम के अनुसार अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को अस्पताल से मरीज का डिस्चार्ज की रिक्वेस्ट मिलते ही, 3 घंटे के अंदर अप्रूवल देना होगा। जिससे मरीज के डिस्चार्ज की रिक्वेस्ट के 3 घंटे के अंदर ही अस्पताल के बिल का सेटलमेंट हो जायेगा। पहले हेल्थ इंश्योरेंस धारकों को कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस के अंतगर्त बिल के सेटलमेंट में काफी समस्या का सामना करना पड़ता था।
इससे पहले हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी अप्रूवल देने में लंबा समय लगा देती थी
बीमा नियामक इरडा (IRDAI) के नए नियम के अनुसार अगर कोई हेल्थ इंश्योरेंस बीमाधारक को तबियत खराब होने के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है तो हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को अस्पताल से रिक्वेस्ट जेनरेट होने के एक घंटे के अंदर ही अपना फैसला देना होगा। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को इस स्थिति में एक घंटे के अंदर ही अपना अप्रूवल या डिसअप्रूवल देना होगा। इससे पहले हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी अप्रूवल देने में लंबा समय लगा देती थी।
अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को ये दस्तावेज खुद ही अस्पताल से लेना होगा
बीमा नियामक इरडा (IRDAI) के नए नियम के अनुसार अब हेल्थ इंश्योरेंस धारकों को क्लेम सेटलमेंट के लिए किसी तरह के दस्तावेज(Document) को सबमिट करने की जरुरत नहीं होगी। पहले बिल सेटलमेंट के लिए बीमाधारकों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को ये दस्तावेज खुद ही अस्पताल से लेना होगा।
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को अपने ग्राहक को एक कस्टमर इंफॉर्मेशन शीट देनी होगी
बीमा नियामक इरडा (IRDAI) के नए नियम के अनुसार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को अपने ग्राहकों को पॉलिसी की सारी सही सही जानकारी देनी होगी। किसी तरह की भी जानकारी ग्राहकों से छिपाई नहीं जाएगी। हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को अपने ग्राहक को एक कस्टमर इंफॉर्मेशन शीट देनी होगी, जिसमे पालिसी की सभी जानकारी होगी। उसमे बीमा राशि से लेकर कैशलेश आदि सभी जानकारियां पूरे विस्तार के साथ होंगी।
इस तरह की समस्या से निजात दिलाने के लिए नियमों में काफी सख्ती की है
लोकल सर्किल्स की एक रिपोर्ट के अनुसार हेल्थ इंश्योरेंस धारकों को बीते 3 सालों में अपने हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम सेटलमेंट में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा था। लोकल सर्किल्स के सर्वे के अनुसार बीते 3 सालों में देश में 43 प्रतिशत हेल्थ इंश्योरेंस धारकों को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा है। बीमा नियामक इरडा (IRDAI) ने हेल्थ इंश्योरेंस धारकों को इस तरह की समस्या से निजात दिलाने के लिए नियमों में काफी सख्ती की है।
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